Maharashtra: राज्य सरकार ने नेरल से शिरूर तक 134 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। डिप्टी सीएम Sunetra Pawar ने इस फैसले की जानकारी दी। यह हाईवे मुंबई, पुणे, मराठवाड़ा और अहिल्यानगर के बीच सफर को आ
Maharashtra: राज्य सरकार ने नेरल से शिरूर तक 134 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। डिप्टी सीएम Sunetra Pawar ने इस फैसले की जानकारी दी। यह हाईवे मुंबई, पुणे, मराठवाड़ा और अहिल्यानगर के बीच सफर को आसान बनाएगा और ट्रैफिक की समस्या को कम करेगा।
इस हाईवे प्रोजेक्ट की मुख्य बातें क्या हैं?
इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 134 किलोमीटर होगी और यह फोरलेन कॉरिडोर के रूप में बनेगा। यह रास्ता नेरल, वंद्रे, पैत, शिरोली, पाबल, मल्थान और शिरूर से होकर गुजरेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह हाईवे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के लिए एक विकल्प बनेगा, जिससे जाम से राहत मिलेगी और JNPT पोर्ट तक पहुंच आसान होगी।
किन इलाकों और उद्योगों को होगा फायदा?
इस हाईवे के बनने से रायगढ़, पुणे, मराठवाड़ा और अहिल्यानगर के आर्थिक और औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी। खास तौर पर खेड़, तलगाँव, चाकण, रंझाणगाँव और सुपा MIDC जोन के उद्योगों को सामान भेजने और लाने में आसानी होगी। भविष्य में पुणे और शिरूर के बीच कुछ हिस्सों को छह-लेन एलिवेटेड और चार-लेन एट-ग्रेड बनाया जा सकता है। इसे अटल सेतु और मुंबई-गोवा हाईवे से भी जोड़ा जाएगा।
प्रोजेक्ट को मंजूरी कैसे मिली?
इस प्रोजेक्ट को पहले 12 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की अध्यक्षता वाली इंफ्रास्ट्रक्चर कैबिनेट कमेटी ने सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके बाद 8 मई 2026 को राज्य सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर मंजूर कर लिया। डिप्टी सीएम Sunetra Pawar ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए पूर्व डिप्टी सीएम Ajit Pawar ने काफी प्रयास किए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नेरल-शिरूर हाईवे की कुल लंबाई और लागत कितनी है?
यह हाईवे 134 किलोमीटर लंबा होगा और इसे फोरलेन बनाया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 1,200 करोड़ रुपये है।
इस हाईवे से किन औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ होगा?
इस प्रोजेक्ट से मुख्य रूप से खेड़, तलगाँव, चाकण, रंझाणगाँव और सुपा MIDC जोन के औद्योगिक केंद्रों को लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट में बड़ा फायदा होगा।