Maharashtra: मुंबई में मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और Sunetra Ajit Pawar ने नाशिक-त्रिंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के लोगो का अनावरण किया। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन संस्कृति
Maharashtra: मुंबई में मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और Sunetra Ajit Pawar ने नाशिक-त्रिंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के लोगो का अनावरण किया। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और पवित्र माहौल तैयार करने का भरोसा दिया है।
कुंभ मेला कब शुरू होगा और मुख्य स्नान की तारीखें क्या हैं?
नाशिक-त्रिंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 31 अक्टूबर 2026 को शुरू होगा। इसकी शुरुआत त्रिंबकेश्वर और नाशिक के रामकुंड में पारंपरिक ध्वजारोहण के साथ की जाएगी। मुख्य अमृत स्नान की तारीखें इस प्रकार हैं:
- पहला अमृत स्नान: 2 अगस्त 2027
- दूसरा अमृत स्नान: 31 अगस्त 2027
- तीसरा अमृत स्नान: 11 सितंबर 2027 (नाशिक) और 12 सितंबर 2027 (त्रिंबकेश्वर)
- मेले की समाप्ति: 24 जुलाई 2028
तैयारियों और इंतजामों के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कहा कि इस बार तैयारी के लिए काफी समय है, इसलिए 2015 के मेले के मुकाबले बेहतर इंतजाम होंगे। Deputy CM Eknath Shinde ने रामकुंड और गोदावरी रिवरफ्रंट के सौंदर्यीकरण और आधुनिक बनाने पर जोर दिया है। मेले के प्रबंधन के लिए प्रयागराज की तर्ज पर एक ‘कुंभ मेला अथॉरिटी’ बनाई जाएगी।
विकास कार्यों पर कितना खर्च होगा और कौन संभालेगा जिम्मेदारी?
Nashik Municipal Corporation (NMC) ने मेले के लिए 7,800 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया है। इससे पहले नवंबर 2025 में सड़क, पानी और बिजली जैसे बुनियादी ढांचे के लिए 5,757.89 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए गए थे। जिला स्तरीय समिति की जिम्मेदारी मंत्री Girish Mahajan को सौंपी गई है, जबकि समिट कमेटी के चेयरमैन Eknath Shinde होंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुंभ मेले का लोगो कैसे चुना गया?
लोगो के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें 20 नवंबर 2025 से 20 दिसंबर 2025 के बीच 3,000 से ज्यादा प्रविष्टियां मिली थीं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय आवेदन भी शामिल थे।
श्रद्धालुओं के लिए क्या विशेष सुविधाएं होंगी?
महाराष्ट्र सरकार गोदावरी नदी की सफाई, रामकुंड के आधुनिकरण और बेहतर आवास व परिवहन व्यवस्था पर काम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।