Maharashtra: मुंबई साइबर पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई एक बड़ी धोखाधड़ी के मामले में नासिक के एक 46 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस व्यक्ति ने अपने बैंक खाते का इस्तेमाल धोखाधड़ी से जुटाए गए पैसों को
Maharashtra: मुंबई साइबर पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई एक बड़ी धोखाधड़ी के मामले में नासिक के एक 46 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस व्यक्ति ने अपने बैंक खाते का इस्तेमाल धोखाधड़ी से जुटाए गए पैसों को रखने के लिए किया था। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल में उसने अपना हिस्सा यानी कमीशन के तौर पर 7.4 लाख रुपये लिए थे।
कैसे हुई यह धोखाधड़ी और कौन है आरोपी
मुंबई के दादर में रहने वाले एक व्यक्ति से जालसाजों ने फर्जी शेयर निवेश के नाम पर 87 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को एक प्राइवेट बैंक का प्रतिनिधि बताया और WhatsApp पर बैंक के लोगो का इस्तेमाल कर भरोसा जीता। पुलिस ने इस मामले में Gangadhar Bhalerao नाम के व्यक्ति को पकड़ा है, जो नासिक का रहने वाला है। उसने अपने Universal Engineering नाम की फर्म के Bank of Maharashtra खाते में ठगी की रकम मंगवाई थी।
पुलिस की कार्रवाई और अब आगे क्या होगा
मुंबई साइबर पुलिस ने Gangadhar Bhalerao को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जालसाजी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़कर एक बड़े फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल ठगी की रकम |
87 लाख रुपये |
| आरोपी का नाम |
Gangadhar Bhalerao (नासिक) |
| आरोपी को मिला कमीशन |
7.4 लाख रुपये |
| पीड़ित का निवास |
दादर, मुंबई |
| इस्तेमाल किया गया बैंक |
Bank of Maharashtra |
| जांच एजेंसी |
मुंबई साइबर पुलिस |
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस मामले में ‘म्यूल’ (Mule) का क्या मतलब है?
साइबर अपराध में ‘म्यूल’ उस व्यक्ति को कहते हैं जो अपने बैंक खाते को ठगी की रकम रखने या उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए देता है, जिसके बदले उसे कुछ कमीशन मिलता है।
ठगों ने पीड़ित को कैसे फंसाया?
जालसाजों ने WhatsApp का उपयोग किया और एक प्राइवेट बैंक का लोगो लगाकर खुद को बैंक अधिकारी बताया, जिससे पीड़ित को निवेश करना सुरक्षित लगा।