Maharashtra: मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पारसी समुदाय के योगदान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पारसी समुदाय देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है औ
Maharashtra: मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पारसी समुदाय के योगदान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पारसी समुदाय देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है और यह समुदाय अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ा है। हालांकि, इसी कार्यक्रम में मौजूद पारसी नेताओं ने एक अलग तस्वीर पेश की और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की गरीबी की समस्या को सबके सामने रखा।
पारसी नेताओं ने गरीबी और घटती आबादी पर क्या कहा?
बॉम्बे पारसी पंचायती की ट्रस्टी अनाहिता देसाई और वर्ल्ड जोरोस्ट्रियन ऑर्गेनाइजेशन के दिनशॉ तंबोली ने बताया कि पारसी समुदाय के बारे में यह सोचना गलत है कि हर कोई अमीर है। भारत में लगभग 57,000 पारसी-ईरानी जोरोस्ट्रियन रहते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा मध्यम वर्ग या कम आय वाला है। ग्रामीण इलाकों में तो कुछ लोग गरीबी के स्तर पर रह रहे हैं और इलाज व पढ़ाई के लिए चैरिटेबल ट्रस्ट पर निर्भर हैं।
जियो पारसी स्कीम के तहत सरकार कितनी मदद दे रही है?
सरकार ‘जियो पारसी’ योजना के जरिए इस समुदाय की घटती आबादी को रोकने के लिए कई आर्थिक सुविधाएं दे रही है, जिसकी जानकारी इस प्रकार है:
- मेडिकल सहायता: बांझपन के इलाज के लिए 6 लाख रुपये और गर्भावस्था की दिक्कतों के लिए 4 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है।
- बच्चों की देखभाल: 15 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों को 18 साल तक के बच्चों के लिए 8,000 रुपये प्रति महीना दिया जाता है।
- बुजुर्गों की देखभाल: घर के बुजुर्गों की देखभाल के लिए 10,000 रुपये प्रति महीना सहायता का प्रावधान है।
- भाषा और संस्कृति: सरकार अवेस्तन भाषा को फिर से जीवित करने और पारसी विरासत को बचाने के लिए भी काम कर रही है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की क्या है योजना?
अल्पसंख्यक आयोग की सचिव अलका उपाध्याय ने कहा कि भारत की विविध संस्कृति को बचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि आयोग पारसी समुदाय की आबादी की चुनौतियों और उनके कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच को लेकर लगातार काम कर रहा है। राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने भी इस बात पर जोर दिया कि समुदाय की स्थिरता के लिए नई नीतियों और लोगों की भागीदारी की जरूरत है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जियो पारसी योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
यह योजना उन पारसी जोड़ों के लिए है जिनकी सालाना पारिवारिक आय 15 से 30 लाख रुपये तक है। इसके तहत बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के साथ-साथ मेडिकल सहायता दी जाती है।
पारसी समुदाय की आर्थिक स्थिति को लेकर नेताओं ने क्या चिंता जताई?
नेताओं ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पारसी लोग गरीबी का सामना कर रहे हैं और वे अपनी बुनियादी जरूरतों जैसे इलाज और शिक्षा के लिए ट्रस्टों की मदद पर निर्भर हैं।