Maharashtra: राज्य में बढ़ते तापमान की वजह से बिजली की खपत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। 27 अप्रैल 2026 को MSEDCL की पीक पावर डिमांड 28,303 MW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। गर्मी और उमस के कारण लोग AC और कूलर का ज्यादा इस्तेमाल
Maharashtra: राज्य में बढ़ते तापमान की वजह से बिजली की खपत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। 27 अप्रैल 2026 को MSEDCL की पीक पावर डिमांड 28,303 MW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। गर्मी और उमस के कारण लोग AC और कूलर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बिजली की मांग में यह उछाल आया है।
बिजली की मांग में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई
महाराष्ट्र के कई जिलों में पारा चढ़ गया है, खासकर विदर्भ इलाके में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। मुंबई जैसे शहरों में भी गर्मी और उमस ज्यादा है, जिससे घरों और ऑफिसों में बिजली का लोड बढ़ गया है। इससे पहले 26 अप्रैल को यह डिमांड 27,230 MW थी, जो एक दिन में काफी बढ़ गई। पूरे राज्य की कुल डिमांड करीब 32,000 MW तक पहुंच गई थी।
बिना कटौती के कैसे मिल रही है बिजली
MSEDCL के मुख्य प्रवक्ता भारत पवार ने बताया कि राज्य सरकार बढ़ी हुई डिमांड को पूरा करने के लिए तैयार है। दिन के समय सोलर पावर का इस्तेमाल किया जा रहा है और अतिरिक्त बिजली की खरीदारी की गई है। मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना (MSKVY 2.0) की वजह से थर्मल पावर पर निर्भरता कम हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 3 करोड़ उपभोक्ताओं को बिना लोड शेडिंग के बिजली पहुंचाई जा रही है।
MSEDCL का होगा बंटवारा और आएगा IPO
महाराष्ट्र कैबिनेट ने MSEDCL के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। अब इसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा। गैर-कृषि उपभोक्ताओं के लिए ‘Mahavitaran’ और कृषि बिजली आपूर्ति के लिए ‘MSEB Solar Agro Power Limited (MSAPL)’ बनाया जाएगा। Mahavitaran का IPO अगले छह से नौ महीनों में आने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच साल में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी को 52% तक ले जाना है।
| तारीख |
MSEDCL पीक डिमांड |
| 18 अप्रैल 2026 |
26,744 MW |
| 26 अप्रैल 2026 |
27,230 MW |
| 27 अप्रैल 2026 |
28,303 MW |
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र में बिजली की सबसे ज्यादा डिमांड कब दर्ज की गई?
27 अप्रैल 2026 को MSEDCL की पीक डिमांड 28,303 MW दर्ज की गई, जो एक रिकॉर्ड है।
MSEDCL के पुनर्गठन के बाद कौन सी नई कंपनियां बनेंगी?
गैर-कृषि उपभोक्ताओं के लिए Mahavitaran और कृषि बिजली के लिए MSEB Solar Agro Power Limited (MSAPL) बनाई जाएगी।