Maharashtra में अब क्रिप्टो एसेट्स से वसूलेंगे निवेशकों का पैसा, MPID एक्ट में हुआ बड़ा बदलाव

Maharashtra: राज्य सरकार ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में निवेशकों के पैसे की वसूली को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल एसेट्स को भी जब्त किया जा सकेगा। बुधवार, 1 जुलाई

Maharashtra: राज्य सरकार ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में निवेशकों के पैसे की वसूली को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल एसेट्स को भी जब्त किया जा सकेगा। बुधवार, 1 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा ने MPID एक्ट, 1999 में संशोधन पारित कर दिया है।

सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि आजकल धोखाधड़ी और फर्जी डिपॉजिट स्कीम चलाने वाले लोग क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे थे। इस कानूनी बदलाव के बाद अब वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को भी ‘डिपॉजिट’ की परिभाषा में शामिल कर लिया गया है, जैसा कि इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 2(111) में बताया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बिल के जरिए निवेशकों के फंड की रिकवरी के लिए एक सख्त और तेज सिस्टम बनाने की बात कही है।

इस नए कानून के तहत रिकवरी की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई कड़े नियम लागू किए गए हैं:

नियम विवरण
कोर्ट की कार्यवाही मामलों के निपटारे के लिए कोर्ट अब अधिकतम दो बार ही स्थगन (adjournment) दे पाएगा।
अपील की शर्त रिकवरी ऑर्डर के खिलाफ अपील करने के लिए वित्तीय संस्थानों को अपनी कुल देनदारी का 50% हिस्सा पहले जमा करना होगा।
समय सीमा संपत्ति को ‘एब्सोल्यूट’ घोषित करने के लिए कोर्ट को 180 दिनों (6 महीने) के भीतर फैसला लेना होगा।
प्रस्तुति इस बिल को राज्य के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में पेश किया था।

सरकार का मकसद उन कानूनी कमियों को दूर करना है जिनका फायदा उठाकर डिजिटल फ्रॉड करने वाले बच निकलते थे। अब सक्षम अधिकारी (Competent Authority) जब्त की गई संपत्तियों का प्रबंधन करेंगे, जिससे आम लोगों के पैसे की वापसी जल्दी हो सकेगी।