Maharashtra समेत कई राज्यों में मानसून होगा मजबूत, मुंबई और कोंकण में भारी बारिश का अलर्ट
Maharashtra: राज्य में इस हफ्ते मानसून और मजबूत होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून तक मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और पूर्वी राज्यों के कई हिस्सों में आगे बढ़ जाएगा। मुंबई और आसपास के इलाकों में बारिश की तीव्रता ब
Maharashtra: राज्य में इस हफ्ते मानसून और मजबूत होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून तक मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और पूर्वी राज्यों के कई हिस्सों में आगे बढ़ जाएगा। मुंबई और आसपास के इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
IMD ने बताया है कि 22 जून से दक्षिण कोंकण और गोवा में बारिश काफी बढ़ जाएगी। 22 से 25 जून के बीच कोंकण और गोवा में व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। वहीं मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 20 से 25 जून के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है। मुंबई के पड़ोसी जिलों पालघर, ठाणे और रायगढ़ में 21 जून से हल्की से मध्यम बारिश तेज होगी। रविवार सुबह मुंबई में हल्की बारिश हुई है और अगले 48 घंटों तक बादल छाए रहेंगे, जबकि शाम या रात में फिर से बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। 21 से 23 जून के बीच दक्षिण महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह 23 से 24 जून के बीच उत्तर महाराष्ट्र के तटों पर भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
सिंधुदुर्ग और रायगढ़ जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया गया है। दूसरी तरफ, अकोला, अमरावती और वाशिम जिलों में लू (heatwave) के कारण Orange Alert जारी किया गया है। उत्तर मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है।
IMD ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर सकता है, ट्रैफिक जाम हो सकता है और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (landslides) का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही महाराष्ट्र सहित उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बता दें कि IMD ने इस साल जून से सितंबर तक देश और महाराष्ट्र में औसत से कम बारिश (LPA का 90%) का अनुमान लगाया था। अधिकारियों के अनुसार, El Niño की स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है, जिससे मानसून की गतिविधि कमजोर हो सकती है और इसकी रफ्तार पर असर पड़ सकता है।