Maharashtra में मानसून की देरी और कम बारिश का खतरा, Super El Niño और अधिक ज्येष्ठ का असर

Maharashtra: राज्य में इस साल मानसून की रफ्तार धीमी रहने और बारिश कम होने की आशंका है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार ‘अधिक ज्येष्ठ’ महीने और शक्तिशाली ‘Super El Niño’ के एक साथ होने से मौसम पर असर पड़ स

Maharashtra: राज्य में इस साल मानसून की रफ्तार धीमी रहने और बारिश कम होने की आशंका है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार ‘अधिक ज्येष्ठ’ महीने और शक्तिशाली ‘Super El Niño’ के एक साथ होने से मौसम पर असर पड़ सकता है। ऐतिहासिक आंकड़ों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि ऐसे संयोग से बारिश में देरी और सूखे का जोखिम बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मीडिया सलाहकार केतन पाठक ने 1951 से 2026 तक के 76 सालों के डेटा का विश्लेषण AI टूल्स के जरिए किया। इस विश्लेषण में पाया गया कि जब अधिक ज्येष्ठ महीने के साथ El Niño होता है, तो प्री-मानसून गर्मी का समय बढ़ जाता है, जिससे सूखा जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, यह डेटा एक संबंध बताता है, लेकिन यह पूरी तरह तय नहीं करता कि खगोलीय घटना ही कमजोर मानसून का कारण है।

IMD ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि 13 जून 2026 से प्रशांत महासागर में El Niño की स्थिति शुरू हो गई है, जो पूरे मानसून सीजन में और मजबूत होगी। IMD ने 2026 में भारत के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है। जुलाई के लिए जारी आउटलुक के मुताबिक, महाराष्ट्र के मध्य, पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों, खासकर मराठवाड़ा और अंदरूनी जिलों में कम बारिश होने की संभावना है। वहीं कोंकण तट, पश्चिमी घाट और पूर्वी विदर्भ के कुछ हिस्सों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

IMD के क्षेत्रीय केंद्र, मुंबई के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि El Niño के कारण बारिश के साथ-साथ तापमान भी बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कम बारिश के मुकाबले बढ़ता तापमान फसलों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि El Niño वाले साल में हमेशा कम बारिश नहीं होती। जुलाई के पहले हफ्ते में अच्छी बारिश की वजह से देश का कुल बारिश घाटा घटकर -12% रह गया था।

ताजा हालात की बात करें तो 17 जुलाई 2026 तक मराठवाड़ा और विदर्भ के कई इलाकों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने संभावित सूखे से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आने वाले दिनों में केवल कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, जब तक कि कोई नया वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता।