Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने ‘थर्ड मुंबई’ यानी Karnala-Sai-Chirner (KSC) न्यू टाउन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन मालिकों से सहमति ल
Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने ‘थर्ड मुंबई’ यानी Karnala-Sai-Chirner (KSC) न्यू टाउन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन मालिकों से सहमति लेने की ऑनलाइन प्रक्रिया 27 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। सरकार का मकसद यहाँ गैर-प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को लाना और शहरी भीड़ को कम करना है।
जमीन मालिकों को क्या विकल्प और मुआवजा मिलेगा?
महाराष्ट्र कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक खास पॉलिसी बनाई है। जमीन मालिकों के पास मुआवजे के लिए कई रास्ते होंगे:
- आप आपसी सहमति से नकद पैसा ले सकते हैं।
- FSI और TDR के रूप में मुआवजा मिल सकता है।
- लैंड पूलिंग मॉडल के तहत विकसित जमीन का 22.5% हिस्सा वापस मिल सकता है।
- जिनके पास 40 वर्ग मीटर से कम जमीन है, उन्हें सीधे कैश दिया जाएगा।
प्रोजेक्ट की खास बातें और नियम क्या हैं?
यह प्रोजेक्ट रायगढ़ जिले के उरण, पनवेल और पेन तालुकों के 124 गांवों में फैला होगा। इसमें कुछ खास नियमों का पालन किया जाएगा:
| विवरण |
नियम/शर्त |
| प्राथमिकता |
FDI लाने वाले उद्योगों को, जो 100 एकड़ जमीन लें और ₹250 करोड़ निवेश करें |
| बाहर रखी गई जमीन |
वन भूमि, CRZ और पेन नगर पालिका की 250 मीटर की सीमा |
| अधिग्रहण तरीका |
सहमति न मिलने पर 2013 के कानून या MRTP एक्ट के तहत अनिवार्य अधिग्रहण |
| लक्ष्य |
मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रा का समय कम करना और आर्थिक विकास |
कौन सी कंपनियां और एजेंसियां जुड़ी हैं?
MMRDA को इस न्यू टाउन के लिए डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए Brookfield, Blackstone Inc, और Hiranandani Group जैसी बड़ी कंपनियों के साथ MoU साइन किए गए हैं। यह पूरा प्लान NITI Aayog के उस रोडमैप का हिस्सा है जिससे मुंबई क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को अगले पांच सालों में 300 अरब डॉलर तक ले जाने की तैयारी है।