Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार राज्य को दुनिया का मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी में है। इसके लिए 365 करोड़ रुपये की एक नई मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक इस
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार राज्य को दुनिया का मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी में है। इसके लिए 365 करोड़ रुपये की एक नई मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक इस सेक्टर के जरिए 3.84 बिलियन डॉलर की विदेशी कमाई की जा सके।
इस नई पॉलिसी में क्या खास होगा
सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री Prakash Abitkar ने बताया कि यह पॉलिसी केंद्र सरकार की नेशनल हेल्थ पॉलिसी के आधार पर बनाई गई है। इसमें विदेशी मरीजों के लिए इलाज की दरें एक समान रखी जाएंगी ताकि मनमाने दाम न वसूले जाएं। साथ ही, मुंबई, पुणे और नवी मुंबई के एयरपोर्ट पर स्पेशल मेडिकल वैल्यू ट्रैवल लाउंज बनाए जाएंगे, जहाँ विदेशी मरीजों की मदद के लिए टीमें तैनात रहेंगी।
मरीजों के लिए डिजिटल पोर्टल और नई सुविधाएं
सरकार एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल पोर्टल शुरू करेगी। इस सिंगल-विंडो सिस्टम से विदेशी मरीज मान्यता प्राप्त अस्पतालों, डॉक्टरों, इलाज के पैकेज और कीमतों की जानकारी ले सकेंगे। इस पोर्टल के जरिए अपॉइंटमेंट बुकिंग, टेलीकंसल्टेशन और पेमेंट की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही, 2030 तक राज्य के कम से कम 50% सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों को NABH और JCI से मान्यता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
इलाज की क्वालिटी सुधारने के लिए नया कानून
मेडिकल टूरिज्म के साथ-साथ सरकार ‘महाराष्ट्र क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2025’ भी ला रही है। इसके तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। जो अस्पताल नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसका मकसद राज्य में इलाज की गुणवत्ता को एक जैसा बनाना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र की नई मेडिकल टूरिज्म पॉलिसी का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इस पॉलिसी का लक्ष्य महाराष्ट्र को ग्लोबल मेडिकल हब बनाना और 2030 तक 3.84 बिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा अर्जित करना है।
विदेशी मरीजों की सुविधा के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
सरकार एक डिजिटल पोर्टल शुरू करेगी जिससे इलाज और कीमतों की तुलना की जा सके। साथ ही मुंबई, पुणे और नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्पेशल लाउंज बनाए जाएंगे।