Maharashtra में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, नियम न मानने पर रद्द होगा लाइसेंस

Maharashtra: राज्य में अब ऑटो रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान होना जरूरी हो गया है। 18 अगस्त 2026 से यह नियम पूरी तरह लागू हो जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे यात्रियों के स

Maharashtra: राज्य में अब ऑटो रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान होना जरूरी हो गया है। 18 अगस्त 2026 से यह नियम पूरी तरह लागू हो जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे यात्रियों के साथ बातचीत आसान होगी और सफर सुरक्षित व सुविधाजनक बनेगा।

परिवहन विभाग ने इसके लिए महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव किया है, जिसे 12 अगस्त को अधिसूचित किया गया था। अब नियम 4(4) के तहत मराठी भाषा की बुनियादी जानकारी होना अनिवार्य है। हालांकि, जो ड्राइवर इस परीक्षा में फेल हो जाएंगे, उन्हें तुरंत सजा नहीं मिलेगी। RTO की फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा पकड़े जाने पर उन्हें एक शो-कॉज नोटिस दिया जाएगा, जिसके बाद उनके पास भाषा सीखने के लिए एक महीने का समय होगा।

अगर कोई ड्राइवर एक महीने की इस मोहलत के बाद भी मराठी भाषा की परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। यदि बार-बार यही गलती दोहराई गई, तो लाइसेंस या परमिट को हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है।

सरकार ने ड्राइवरों की मदद के लिए 1 जून से 15 अगस्त 2026 तक ‘मराठी भाषा संवाद पाठ्यक्रम’ नाम से एक मुफ्त चार घंटे का ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाया था। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के करीब 1.5 मिलियन ड्राइवरों में से 1.25 लाख लोग पहले ही टेस्ट दे चुके हैं और 1.10 लाख से ज्यादा ड्राइवरों ने ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है।

परिवहन मंत्री प्रताप सार्नाईक ने साफ किया है कि यात्रियों की सुविधा के लिए यह कदम जरूरी है। वहीं, 17 अगस्त को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उन ड्राइवरों को सर्टिफिकेट देंगे जिन्होंने यह ट्रेनिंग कोर्स पूरा किया है। हालांकि, कुछ यूनियनों ने ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों को इस नियम में देर से शामिल करने और ‘वर्किंग नॉलेज’ की स्पष्ट परिभाषा न होने पर चिंता जताई है।