Maharashtra में अब टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों को आनी होगी मराठी, नियम तोड़ने पर रद्द हो सकता है लाइसेंस
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने अब ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और Ola-Uber जैसे ऐप आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा जानना अनिवार्य कर दिया है। 15 अगस्त 2026 के बाद से यह नियम सख्ती से लागू होगा। सरकार का कहना है
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने अब ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और Ola-Uber जैसे ऐप आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा जानना अनिवार्य कर दिया है। 15 अगस्त 2026 के बाद से यह नियम सख्ती से लागू होगा। सरकार का कहना है कि स्थानीय भाषा की जानकारी होने से यात्रियों के साथ बातचीत आसान होगी और सफर सुरक्षित रहेगा।
परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने साफ कर दिया है कि इस समय सीमा को अब और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। 17 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde उन 1.10 लाख से ज्यादा गैर-मराठी ड्राइवरों को सर्टिफिकेट देंगे जिन्होंने ट्रेनिंग पूरी कर ली है। 18 अगस्त से विभाग वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू करेगा और नियम न मानने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के मुताबिक ड्राइवरों को मराठी का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए ताकि वे साइनबोर्ड पढ़ सकें, थोड़ा-बहुत लिख सकें और यात्रियों से बात कर सकें। यह शर्त परमिट रिन्यू कराने के समय भी देखी जाएगी। अगर कोई ड्राइवर मराठी नहीं जानता, तो उसे पहले एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी सुधार न होने पर लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है और बार-बार गलती करने पर परमिट हमेशा के लिए रद्द हो सकता है।
इस फैसले पर ड्राइवरों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है। जहां कुछ लोग मराठी को बढ़ावा देने का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई ड्राइवर जुर्माने और लाइसेंस सस्पेंशन को लेकर डरे हुए हैं। उनका कहना है कि भाषा सीखना एक धीमी प्रक्रिया है, इसलिए सीधे सस्पेंशन के बजाय उन्हें और समय और क्लासेस मिलनी चाहिए। मुंबई Central RTO में सर्टिफिकेट लेने के लिए लगी लंबी लाइनों की वजह से भी ड्राइवरों को अपनी कमाई का नुकसान उठाना पड़ रहा है।