Maharashtra में ‘लाड़की बहिन’ योजना से 92 लाख महिलाएं बाहर, e-KYC न होने से कटे नाम
Maharashtra: राज्य सरकार ने ‘लाड़की बहिन’ योजना के लाभार्थियों की जांच के बाद एक बड़ा कदम उठाया है। वेरिफिकेशन के बाद करीब 92 लाख महिलाओं के नाम इस योजना की लिस्ट से हटा दिए गए हैं। यह कुल लाभार्थियों की संख्
Maharashtra: राज्य सरकार ने ‘लाड़की बहिन’ योजना के लाभार्थियों की जांच के बाद एक बड़ा कदम उठाया है। वेरिफिकेशन के बाद करीब 92 लाख महिलाओं के नाम इस योजना की लिस्ट से हटा दिए गए हैं। यह कुल लाभार्थियों की संख्या में लगभग 38% की गिरावट है, जो कि सरकार द्वारा पहले बताए गए आंकड़ों से काफी ज्यादा है।
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। साल 2024 में जब रजिस्ट्रेशन शुरू हुए थे, तब करीब 2.46 करोड़ महिलाओं ने आवेदन किया था। मई 2026 तक की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद यह संख्या घटकर 1.77 करोड़ रह गई थी। जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, अब 92 लाख और लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया है।
नाम हटाए जाने की सबसे बड़ी वजह e-KYC की प्रक्रिया पूरी न करना रही। करीब 62 लाख महिलाओं ने समय रहते अपना e-KYC नहीं कराया, जिसकी आखिरी तारीख 30 अप्रैल 2026 थी। इसके अलावा कई महिलाओं की आय तय सीमा से ज्यादा पाई गई, कुछ सरकारी कर्मचारी निकलीं और कुछ की उम्र तय सीमा से अधिक थी। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मेघना बोरडीकर ने बताया कि e-KYC के लिए समय सीमा को कई बार बढ़ाया गया था, इसलिए जो लोग इसे पूरा नहीं कर पाए, वे संभवतः पात्र नहीं थे।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हटाए गए लाभार्थी | 92 लाख (38% गिरावट) |
| e-KYC न करने वाले | लगभग 62 लाख |
| मासिक सहायता राशि | 1,500 रुपये |
| e-KYC की अंतिम तिथि | 30 अप्रैल 2026 |
| शुरुआती रजिस्ट्रेशन | 2.46 करोड़ |
| वर्तमान स्थिति | वेरिफिकेशन के बाद संख्या में बड़ी कमी |
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन अपात्र महिलाओं को एक बार की राहत दी है जिन्होंने गलती से लाभ लिया था, इसमें करीब 4,500 से 5,000 करोड़ रुपये का मामला है। हालांकि, करीब 14,000 पुरुषों ने धोखाधड़ी करके इस योजना में नाम लिखवाए थे, जिनसे सरकार यह पैसा वसूल करेगी।
इस बीच विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। NCP (SP) के विधायक रोहित पवार का आरोप है कि सरकार वित्तीय संकट से जूझ रही है और इसी वजह से लाभार्थियों की संख्या घटाई जा रही है ताकि योजना को धीरे-धीरे बंद किया जा सके। जुलाई 2026 की किस्त 12 से 15 जुलाई के बीच आने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।