Maharashtra: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि लाड़की बहिन योजना में e-KYC जांच के बाद 80 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। इस वेरिफिकेशन में पाया गया कि कई पुरुष, सरकारी कर्मचारी और टैक्स भरने वाले लोग इस योजना का
Maharashtra: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि लाड़की बहिन योजना में e-KYC जांच के बाद 80 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। इस वेरिफिकेशन में पाया गया कि कई पुरुष, सरकारी कर्मचारी और टैक्स भरने वाले लोग इस योजना का गलत फायदा उठा रहे थे। अब सरकार उन पुरुषों से पैसे वसूल करेगी जिन्होंने धोखाधड़ी से लाभ लिया था।
किन्हें योजना से बाहर किया गया और क्यों
सरकार ने बताया कि e-KYC प्रक्रिया के बाद लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ रह गई है। इसमें मुख्य रूप से उन लोगों को हटाया गया है जो पात्रता नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
| अपात्र श्रेणी |
हटाए गए लोगों की संख्या |
| पुरुष लाभार्थी |
14,000 |
| सरकारी कर्मचारी |
5 लाख |
| इनकम टैक्स भरने वाले |
10 लाख |
| चार पहिया वाहन मालिक |
4 से 5 लाख |
योजना के नियम और पात्रता क्या है
लाड़की बहिन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की मदद दी जाती है। इसके लिए महिला का महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना और उम्र 21 से 65 साल के बीच होना जरूरी है। परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
- शादीशुदा, तलाकशुदा, विधवा और बेसहारा महिलाएं पात्र हैं।
- एक परिवार से अधिकतम दो महिलाएं ही लाभ ले सकती हैं।
- टैक्स भरने वाले या सरकारी नौकरी वाले परिवार के सदस्य पात्र नहीं हैं।
- ट्रैक्टर को छोड़कर चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार बाहर रखे गए हैं।
विपक्ष के आरोप और सरकार का जवाब
NCP (SP) और शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया है कि सरकार पैसों की कमी के कारण योजना बंद कर रही है और e-KYC सिर्फ एक बहाना है। सुप्रिया सुले ने पुरुष लाभार्थियों के मामले में CBI जांच की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केवल अपात्र लोगों को हटाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो वास्तव में पात्र हैं लेकिन उनका वेरिफिकेशन बाकी है, उनके लिए KYC विंडो दोबारा खोली जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या गलत तरीके से पैसे लेने वाले सभी लोगों से वसूली होगी?
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के अनुसार, केवल उन पुरुषों से पैसे वसूल किए जाएंगे जिन्होंने धोखाधड़ी से लाभ लिया। अन्य अपात्र लाभार्थियों को एक बार की छूट दी जाएगी।
e-KYC पूरा न करने वाली पात्र महिलाओं का क्या होगा?
सरकार ने संकेत दिया है कि जिन महिलाओं के पास पात्रता के दस्तावेज हैं लेकिन उनका वेरिफिकेशन अभी बाकी है, उनके लिए KYC की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है।