Maharashtra: कोंकण इलाके के आम और काजू किसान इन दिनों भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मौसम की मार की वजह से मशहूर Alphonso आम की पैदावार में 75 से 90 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई है। अपनी मांगों को लेकर किसान पिछले कई म
Maharashtra: कोंकण इलाके के आम और काजू किसान इन दिनों भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मौसम की मार की वजह से मशहूर Alphonso आम की पैदावार में 75 से 90 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई है। अपनी मांगों को लेकर किसान पिछले कई महीनों से सड़कों पर हैं और सरकार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
फसलों को नुकसान क्यों हुआ और किसान क्यों परेशान हैं?
पिछले तीन सालों से मौसम का मिजाज बहुत खराब रहा है। अचानक बढ़ी गर्मी, बेमौसम बारिश, लंबे समय तक बादल छाए रहना और तापमान में उतार-चढ़ाव ने आम की फसल को बर्बाद कर दिया। Alphonso आम मौसम के प्रति बहुत संवेदनशील होता है, जिससे फूल आने से लेकर फल बनने तक के हर चरण में नुकसान हुआ। कोंकण के हजारों परिवारों के लिए आम और काजू ही कमाई का मुख्य जरिया है, इसलिए फसल बर्बाद होने से उनकी पूरे साल की आमदनी खत्म हो गई है।
विरोध प्रदर्शन और किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
किसान नेता Raju Shetti के नेतृत्व में सिंधुदुर्ग में ‘रास्ता रोको’ आंदोलन हुआ था। इसके बाद 15 मई 2026 को गिरगाँव चौपाटी से मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ की ओर ‘धडक कैफियत मोर्चा’ निकाला गया और 18 मई को मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन हुआ। किसानों की मांगें इस प्रकार हैं:
- आम के बागानों के लिए 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा।
- काजू के बागानों के लिए 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा।
महाराष्ट्र सरकार ने 22,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा देने की घोषणा की थी, जिसे किसानों ने बहुत कम बताया है। पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन की अनुमति केवल आजाद मैदान में थी, इसलिए मंत्रालय की ओर जाने वाले प्रदर्शनकारियों और नेताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन में कौन-कौन से नेता और संगठन शामिल हुए?
इस आंदोलन में Swabhimani Shetkari Sanghatana और Shetkari Sanghatana के कार्यकर्ता शामिल रहे। राजनीतिक समर्थन के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Harshvardhan Sapkal, शिवसेना (UBT) के सांसद Arvind Sawant, Vinayak Raut और राष्ट्रीय समाज पक्ष के Mahadev Jankar जैसे नेता किसानों के साथ खड़े नजर आए। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने पहले संतोषजनक मुआवजे का भरोसा दिया था, लेकिन किसानों का कहना है कि अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोंकण के आम किसानों को कितना नुकसान हुआ है?
खराब मौसम और गर्मी की वजह से Alphonso आम की पैदावार में 75% से 90% तक की गिरावट आई है, जिससे किसानों की साल भर की कमाई प्रभावित हुई है।
किसान सरकार से कितने मुआवजे की मांग कर रहे हैं?
किसान आम के बागानों के लिए 5 लाख रुपये और काजू के बागानों के लिए 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।