Maharashtra: रायगढ़ जिले के मुरुद तालुका में स्थित Kashid बीच पर शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। पुणे के शिक्रापुर के रहने वाले दो पर्यटक, 19 साल के Atharv Gaikwad और 17 साल के Sumit Bhujbal, समुद्र में नहाने गए थे, ज
Maharashtra: रायगढ़ जिले के मुरुद तालुका में स्थित Kashid बीच पर शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। पुणे के शिक्रापुर के रहने वाले दो पर्यटक, 19 साल के Atharv Gaikwad और 17 साल के Sumit Bhujbal, समुद्र में नहाने गए थे, जहां हाई टाइड की लहरों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि वहां तैनात आधुनिक Robotic Buoy की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
Robotic Buoy ने कैसे बचाई जान?
यह रेस्क्यू ऑपरेशन पुलिस कॉन्स्टेबल Pravin Rotkar, Jitendra Mane और लाइफगार्ड Arfat Saudagar और Shubham Lad ने मिलकर चलाया। इस ऑपरेशन में रिमोट से चलने वाले Robotic Buoy का इस्तेमाल किया गया, जो डूबते हुए व्यक्ति तक तेजी से पहुँचकर उसे सुरक्षित किनारे तक लाने में सक्षम है। रायगढ़ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराए गए इस उपकरण ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है।
बीच सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
जिला कलेक्टर Kishan Jawale ने 12 अप्रैल 2026 को Nagaon, Kashid और Harihareshwar बीचों पर इन रोबोटिक वाटरक्राफ्ट्स को तैनात किया था। कोंकण डिविजनल कमिश्नर Rubal Agrawal ने इसे जीवनरक्षक बताया है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बीच पर बुनियादी ढांचे और पर्यटकों की सुविधाओं को बढ़ाया जाए और आने वाले पर्यटकों का रिकॉर्ड भी रखा जाए ताकि सुरक्षा पुख्ता रहे।
एक महीने में कितनी बार हुआ रेस्क्यू?
Kashid बीच पर पिछले एक महीने में इस रोबोटिक डिवाइस की मदद से अब तक कुल 6 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इससे पहले 21 मई को पुणे की Siddhi Sable और 28 अप्रैल को डोंबिवली के Furkan Sheikh और Kaif Sheikh को इसी तकनीक से बचाया गया था। प्रशासन का कहना है कि पुलिस और लाइफगार्ड्स की मुस्तैदी और आधुनिक मशीनों के तालमेल से हादसों को कम किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Robotic Buoy क्या है और यह कैसे काम करता है?
यह एक रिमोट से संचालित होने वाला वाटरक्राफ्ट है जिसे रायगढ़ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तैनात किया है। यह लहरों के बीच फंसे लोगों तक तेजी से पहुँचकर उन्हें सुरक्षित किनारे तक वापस लाने में मदद करता है।
महाराष्ट्र के किन बीचों पर यह सुविधा उपलब्ध है?
जिला कलेक्टर Kishan Jawale के निर्देश पर यह सुविधा Nagaon, Kashid और Harihareshwar बीचों पर उपलब्ध कराई गई है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ाई जा सके।