Maharashtra में डॉक्टरों की हड़ताल, सोमवार को बंद रहेंगे OPD; डोंबिवली अस्पताल हमले के विरोध में IMA का फैसला

Maharashtra: डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हुए हमले के विरोध में महाराष्ट्र के डॉक्टर सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। Indian Medical Association (IMA) Maharashtra ने पूरे राज्य में 24 घं

Maharashtra: डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हुए हमले के विरोध में महाराष्ट्र के डॉक्टर सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। Indian Medical Association (IMA) Maharashtra ने पूरे राज्य में 24 घंटे के लिए OPD बंद रखने का ऐलान किया है। इस फैसले से सोमवार को ओपीडी में आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

यह पूरा मामला डोंबिवली के Shastrinagar Municipal Hospital का है, जहां 6 जुलाई 2026 को डॉक्टरों और स्टाफ के साथ मारपीट की गई थी। इस घटना के मुख्य आरोपी शिव सेना कॉर्पोरेटर Ramesh Mhatre को 14 जुलाई को 50,000 रुपये के कैश बॉन्ड पर जमानत मिल गई, जिससे डॉक्टरों में भारी नाराजगी है। IMA ने साफ किया है कि यह हड़ताल सोमवार, 20 जुलाई 2026 को सुबह 6:00 बजे शुरू होगी और मंगलवार, 21 जुलाई को सुबह 6:00 बजे खत्म होगी।

मरीजों की सुविधा के लिए IMA ने यह स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान Emergency सेवाएं, ICU, मैटरनिटी सेवाएं और जीवन रक्षक इलाज बिना किसी रुकावट के चलते रहेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी के डॉक्टरों के साथ-साथ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल होंगे। हालांकि, Maharashtra Association of Resident Doctors (MARD) इस हड़ताल में शामिल नहीं होगा, लेकिन वे अगले हफ्ते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे।

डॉक्टरों ने सरकार के सामने अपनी कई मांगें रखी हैं, जिन्हें पूरा न करने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

मुख्य मांगें विवरण
कानूनी कार्रवाई आरोपियों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई हो।
कानून में बदलाव 2010 के मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट में बदलाव कर अपराधों को गैर-जमानती बनाया जाए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट मेडिकल हिंसा के मामलों की जांच 30 से 60 दिन में पूरी हो और ट्रायल के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट हों।
सुरक्षा व्यवस्था सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं।
केंद्रीय कानून पूरे देश के स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक कड़ा केंद्रीय कानून बने।
बजट में बढ़ोतरी सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए बजट बढ़ाया जाए।

इस बीच, ठाणे जिला सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने भी रमेश म्हात्रे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें कॉर्पोरेटर पद से हटाने की मांग की। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस मामले में रमेश म्हात्रे को फटकार लगाई है।