Maharashtra में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 3 साल की डेडलाइन, देरी करने वाले बिल्डर्स को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिलेंगे
Maharashtra/Thane : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और आवास मंत्री Eknath Shinde ने घर बनाने वाले बिल्डर्स के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि सभी हाउसिंग और पुनर्विकास (redevelopment) प्रोजेक्ट्स को तीन सा
Maharashtra/Thane : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और आवास मंत्री Eknath Shinde ने घर बनाने वाले बिल्डर्स के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि सभी हाउसिंग और पुनर्विकास (redevelopment) प्रोजेक्ट्स को तीन साल के भीतर पूरा करना होगा। जो बिल्डर्स समय पर काम पूरा नहीं करेंगे और क्वालिटी से समझौता करेंगे, उन्हें भविष्य में सरकार के किसी भी प्रोजेक्ट या कॉन्ट्रैक्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।
यह घोषणा रविवार, 28 जून 2026 को ठाणे के Majiwada Circle में एक कार्यक्रम के दौरान की गई। Eknath Shinde वहां एक पुनर्विकास परियोजना के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं बिल्डर्स को प्राथमिकता मिलेगी जो समय सीमा का पालन करेंगे और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य मुंबई और ठाणे को पूरी तरह से स्लम-मुक्त बनाना है, जिसके लिए नियोजित पुनर्विकास पर जोर दिया जा रहा है।
राज्य सरकार अब उन प्रशासनिक रुकावटों को दूर करने में जुटी है जिनकी वजह से कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लंबे समय से अटके हुए हैं। इससे पहले अक्टूबर 2025 में एक नीति का प्रस्ताव आया था, जिसमें बिल्डर्स के लिए तीन साल का किराया एडवांस जमा करना जरूरी था ताकि निवासी सुरक्षित रहें और काम न रुके। साथ ही, जनवरी 2026 में ‘सभी के लिए आवास’ (housing for all) नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए थे।
सरकार ने मई 2025 में ‘My Home – My Right’ आवास नीति को मंजूरी दी थी। इसके तहत 2030 तक 35 लाख किफायती घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 70,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह योजना मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और कम आय वर्ग (LIG) के लोगों के लिए है। ठाणे के Wagle Estate, Kisan Nagar और Kopri जैसे इलाकों के प्रोजेक्ट्स को अब MahaPreit से हटाकर MSRDC को सौंपा गया है ताकि काम में तेजी आए।