Maharashtra में होम्योपैथी डॉक्टर को मिली मॉडर्न मेडिसिन प्रैक्टिस की मंजूरी, रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल से खाली हुए OPD

Maharashtra: राज्य में एक बड़ा बदलाव हुआ है जहाँ पहली बार एक होम्योपैथी डॉक्टर को आधुनिक चिकित्सा (Modern Medicine) के अभ्यास के लिए रजिस्ट्रेशन मिला है। डॉ. नेहा सिद्धार्थ पवार को मंगलवार शाम 8:30 बजे महाराष्ट्र मेडिकल

Maharashtra: राज्य में एक बड़ा बदलाव हुआ है जहाँ पहली बार एक होम्योपैथी डॉक्टर को आधुनिक चिकित्सा (Modern Medicine) के अभ्यास के लिए रजिस्ट्रेशन मिला है। डॉ. नेहा सिद्धार्थ पवार को मंगलवार शाम 8:30 बजे महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) ने यह कंडीशनल रजिस्ट्रेशन दिया। इस फैसले के बाद राज्य के मेडिकल जगत में काफी हलचल मच गई है और रेजिडेंट डॉक्टरों ने इसके विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है।

यह पूरी प्रक्रिया 2014 में महाराष्ट्र होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर्स एक्ट और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल एक्ट में किए गए बदलावों के बाद शुरू हुई। सरकार ने सोमवार को एक GR जारी किया था, जिसके बाद BHMS-CCMP कोर्स करने वाले डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन का रास्ता खुला। डॉ. नेहा पवार ने एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स इन मॉडर्न फार्माकोलॉजी (CCMP) पूरा किया है, जिसकी वजह से उन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर CCMP/00001/2026 मिला है।

हालांकि, यह रजिस्ट्रेशन फिलहाल कंडीशनल है। बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका (Writ Petition No. 7846 of 2014) लंबित है, जिसका फैसला अगस्त के मध्य तक आने की उम्मीद है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी। इसी वजह से MMC ने डॉ. नेहा के बाद अन्य डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है।

इस फैसले का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ा विरोध किया है। IMA के राज्य अध्यक्ष संतोष कदम ने इसे मरीज की सुरक्षा के लिए खतरा और एक खतरनाक मिसाल बताया है। वहीं, इस विरोध के चलते बुधवार को मुंबई के OPD खाली नजर आए। सेंट्रल MARD ने राज्य के 35 सरकारी और 5 नगर निगम मेडिकल कॉलेजों में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल में करीब 40,000 रेजिडेंट डॉक्टर और इंटर्न्स शामिल हैं, जिससे राज्य भर में लगभग 57,400 OPD कंसल्टेशन प्रभावित हुए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल एजुकेशन सेक्रेटरी धीरज कुमार ने IMA प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की है। साथ ही, मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च कमिश्नर के तहत एक कमेटी बनाई गई है, जो एक महीने के भीतर इन डॉक्टरों के लिए काम करने के तरीके, प्रोटोकॉल और एथिक्स फ्रेमवर्क तैयार करेगी।