Maharashtra में भारी बारिश का कहर, Lonavala में 24 घंटे में 670mm बारिश; कई स्कूल बंद और रेल सेवा प्रभावित
Maharashtra: मुंबई के पास मशहूर टूरिस्ट स्पॉट Lonavala में कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि महज 24 घंटे में 670mm बारिश दर्ज की गई। यह बारिश इतनी ज्यादा थी कि इसे विशेषज्ञों ने 1,000 साल में एक बार होने वाली घटना बताया है। इस भा
Maharashtra: मुंबई के पास मशहूर टूरिस्ट स्पॉट Lonavala में कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि महज 24 घंटे में 670mm बारिश दर्ज की गई। यह बारिश इतनी ज्यादा थी कि इसे विशेषज्ञों ने 1,000 साल में एक बार होने वाली घटना बताया है। इस भारी बारिश की वजह से मुंबई और पुणे के बीच रेल और सड़क संपर्क पूरी तरह चरमरा गया है और कई इलाकों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
भारी बारिश के कारण Karjat-Lonavala Ghat सेक्शन में कई जगह लैंडस्लाइड हुए, जिससे ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। Central Railway के मुताबिक, समय पर मिली चेतावनी की वजह से किसी ट्रेन हादसे को टाला जा सका, लेकिन यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, पुणे जिले में पिछले दो दिनों में 22 लैंडस्लाइड दर्ज किए गए हैं। पूरे राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें मुंबई के Mankhurd इलाके में एक इमारत गिरने से 6 लोगों की जान गई।
मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार, 7 जुलाई को पुणे जिले के लिए Red Alert और मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी के लिए Orange Alert जारी किया था। खतरे को देखते हुए मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने राज्य को 8 जुलाई तक हाई वेदर अलर्ट पर रखा है।
| प्रभावित क्षेत्र/सेवा | विवरण |
|---|---|
| Central Railway | 27 ट्रेनें रद्द, 57 डायवर्ट और 19 शॉर्ट-टर्मिनेट की गईं |
| Lonavala Dam | क्षमता पूरी होने के बाद इंद्रायणी नदी में पानी छोड़ा गया |
| Thane District | किले, झरने, बांध और झीलों पर पर्यटकों की एंट्री बंद |
| BMC | मुंबई के सभी पार्क और गार्डन जनता के लिए बंद किए गए |
| INCOIS | महाराष्ट्र तट के लिए Red Alert जारी, मछली पकड़ने पर रोक |
| Palghar | पिछले 24 घंटों में राज्य में सबसे ज्यादा 203.3 mm बारिश |
प्रशासन ने लोगों को नदी, नालों और समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी है। नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। NDRF और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।