Maharashtra: राज्य सरकार ने शराब और स्पिरिट ले जाने वाले सभी वाहनों के लिए रियल-टाइम GPS ट्रैकिंग वाले डिजिटल लॉक अनिवार्य कर दिए हैं। यह नियम 1 जून 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। सरकार का मकसद शराब की तस्करी रोकना और र
Maharashtra: राज्य सरकार ने शराब और स्पिरिट ले जाने वाले सभी वाहनों के लिए रियल-टाइम GPS ट्रैकिंग वाले डिजिटल लॉक अनिवार्य कर दिए हैं। यह नियम 1 जून 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। सरकार का मकसद शराब की तस्करी रोकना और राजस्व के नुकसान को कम करना है।
डिजिटल लॉक सिस्टम क्या है और यह कैसे काम करेगा?
इस सिस्टम के तहत वाहनों में ऐसे डिजिटल लॉक लगाए जाएंगे जिन्हें आसानी से तोड़ा नहीं जा सकेगा। ये लॉक सीधे राज्य आबकारी विभाग के कमांड कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे। इससे अधिकारियों को पता रहेगा कि वाहन कहाँ है और लॉक किसने खोला है। यह तकनीक तय करेगी कि फैक्ट्री से निकला माल बिना किसी हेराफेरी के डीलर और रिटेलर तक पहुँचे।
किन वाहनों के लिए यह नियम जरूरी है?
यह नियम राज्य के भीतर और बाहर जाने वाले सभी शराब वाहनों पर लागू होगा। इसमें निम्नलिखित वाहन शामिल हैं:
- मोलासेस, अल्कोहल और शराब ले जाने वाले वाहन।
- दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र आने वाले या यहाँ से बाहर जाने वाले वाहन।
- कस्टम-बॉन्डेड वेयरहाउस से लाइसेंस प्राप्त दुकानों तक जाने वाले वाहन।
- डिस्टिलरीज से डेनेचर्ड स्पिरिट ले जाने वाले टैंकर।
- भारतीय बंदरगाहों के जरिए एक्सपोर्ट होने वाले कंसाइनमेंट।
इस बदलाव से आम जनता और ट्रांसपोर्टर्स पर क्या असर होगा?
सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि अक्सर असली शराब में पानी या मिलावटी शराब मिलाकर बेची जाती थी, जिससे लोगों की सेहत को खतरा होता था। अब डिजिटल लॉक की वजह से सुरक्षाकर्मियों की जरूरत नहीं रहेगी और उनसे जुड़ी फीस भी नहीं ली जाएगी। लॉक लगाने वाली कंपनियों के लिए नियम सख्त रखे गए हैं, उनका टर्नओवर कम से कम 5 करोड़ रुपये और 3 साल का अनुभव होना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल लॉक का नियम कब से लागू हो रहा है?
इस सिस्टम का दूसरा चरण 1 जून 2026 से लागू होगा। इससे पहले पहला चरण 1 जुलाई 2025 को शुरू किया गया था।
सरकार ने डिजिटल लॉक क्यों अनिवार्य किए?
शराब की तस्करी, मिलावट और सरकारी राजस्व की चोरी रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है ताकि रियल-टाइम निगरानी की जा सके।