Maharashtra में प्राइवेट यूनिवर्सिटी के नियमों में होगा बदलाव, सरकार ने बनाया एक्सपर्ट पैनल
Maharashtra: राज्य सरकार ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना और उनके कामकाज के नियमों की समीक्षा करने के लिए एक हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाई है। शुक्रवार को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के जरिए इस पैनल का गठन किया गया। इस
Maharashtra: राज्य सरकार ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना और उनके कामकाज के नियमों की समीक्षा करने के लिए एक हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाई है। शुक्रवार को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के जरिए इस पैनल का गठन किया गया। इस छह सदस्यीय समिति की कमान पूर्व UGC वाइस चेयरमैन Bhushan Patwardhan को सौंपी गई है।
सरकार का मकसद शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री Chandrakant Patil ने साफ किया है कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा का व्यवसायीकरण करना नहीं, बल्कि इसे आम लोगों के लिए सुलभ बनाना है। इसी कड़ी में यह तय किया गया है कि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को कम से कम 10 प्रतिशत छात्रों को फीस में 50 प्रतिशत की छूट देनी होगी, जिसकी निगरानी सरकार खुद करेगी।
यह पैनल अगले दो महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंपेगा। कमेटी यूनिवर्सिटी की जमीन, बिल्डिंग, लैब, डिजिटल सुविधाओं और हॉस्टल जैसे बुनियादी ढांचे की जांच करेगी। साथ ही NAAC ग्रेडिंग, NIRF रैंकिंग, शिक्षकों की संख्या और रिसर्च पेपर जैसे शैक्षणिक मानकों पर भी नजर रखी जाएगी। पैनल यह भी देखेगा कि ये संस्थान UGC, AICTE, PCI और BCI जैसे रेगुलेटरी बॉडीज के नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
हाल ही में राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े बदलाव किए हैं। 11 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सेल्फ-फाइनेंस्ड प्राइवेट स्किल यूनिवर्सिटीज के लिए एक नया एकीकृत ढांचा तैयार किया है। अब इन संस्थानों को 1 करोड़ रुपये की नॉन-रिफंडेबल फीस के साथ विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जमा करनी होगी। साथ ही, 13 अगस्त के आसपास एक संशोधन पास किया गया जिससे अब प्राइवेट हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी भी खुल सकेंगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेजों का 20 साल पुराना होना और NAAC A+ ग्रेड होना जरूरी है।
जुलाई 2026 में सरकार ने नए प्राइवेट यूनिवर्सिटी की अनुमति पर फिलहाल रोक लगा दी थी ताकि मौजूदा संस्थानों की समीक्षा पूरी की जा सके। यह पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और UGC एक्ट 1956 के अनुरूप तैयार की जाएगी।