Mumbai: कांदिवली में माथाड़ी मजदूरों की जमीन घोटाले की जांच करेगी महाराष्ट्र सरकार, खाली जमीन वापस लेगी सरकार

Maharashtra: मुंबई के कांदिवली (पश्चिम) में माथाड़ी मजदूरों के लिए तय की गई 27 एकड़ जमीन के ट्रांसफर और पुनर्विकास में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। महाराष्ट्र सरकार ने अब इस पूरे मामले की जांच करने का फैसला किया है। राज

Maharashtra: मुंबई के कांदिवली (पश्चिम) में माथाड़ी मजदूरों के लिए तय की गई 27 एकड़ जमीन के ट्रांसफर और पुनर्विकास में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। महाराष्ट्र सरकार ने अब इस पूरे मामले की जांच करने का फैसला किया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में बताया कि सरकार इस जमीन पर कब्जा वापस लेने के लिए मुंबई उपनगर कलेक्टर सौरभ कत्यार को निर्देश देगी।

यह पूरा मामला सर्वे नंबर 149 की जमीन से जुड़ा है, जो मूल रूप से क्लॉथ मार्केट एंड शॉप्स बोर्ड को दी गई थी। बाद में इसे विशाल सह्याद्री को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी को ट्रांसफर कर दिया गया। जांच में पता चला है कि जमीन के ट्रांसफर और निर्माण की समय सीमा बढ़ाने के नियमों का उल्लंघन किया गया है और इस जमीन का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए भी किया गया।

सरकार अब उस 26,900 वर्ग मीटर सरप्लस जमीन को वापस लेगी, जिसे बिना अनुमति के पुनर्विकास में शामिल कर लिया गया था। इसके अलावा, स्टाम्प ड्यूटी में हुई गड़बड़ियों की जांच पुणे के रजिस्ट्रेशन महानिरीक्षक (IGR) करेंगे, जिसकी रिपोर्ट 7 से 15 दिनों में सरकार को मिल जाएगी। बता दें कि इस जमीन को क्लास-II से क्लास-I कैटेगरी में बदलने के दौरान सरकार ने 42.07 करोड़ रुपये प्रीमियम और 74.09 करोड़ रुपये स्टाम्प ड्यूटी जमा की थी।

विधायक हारून खान ने विधानसभा में यह सवाल उठाकर इस मामले को उजागर किया था। वहीं, विधायक योगेश सागर ने माथाड़ी मजदूरों के करीब 1,250 से 1,300 परिवारों के लिए घरों की मांग की थी। राजस्व मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि सरकार माथाड़ी मजदूरों के लिए 1,600 से 2,000 घर बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए जल्द ही संबंधित सोसाइटी और विधायक योगेश सागर के साथ बैठक की जाएगी ताकि मजदूरों को उनका हक मिल सके और वर्तमान निवासियों के हितों की भी रक्षा हो।