Maharashtra: राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक नया नियम लागू किया है। अब सभी प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम और ट्रस्ट अस्पतालों के लिए यह जरूरी होगा कि वे 0 से 5 साल तक के बच्चों की मौत की जानकारी 24 घंटे के अंदर स्थानीय स
Maharashtra: राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक नया नियम लागू किया है। अब सभी प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम और ट्रस्ट अस्पतालों के लिए यह जरूरी होगा कि वे 0 से 5 साल तक के बच्चों की मौत की जानकारी 24 घंटे के अंदर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को दें। सरकार ने इसके लिए 29 मई को एक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया था, ताकि बच्चों की मृत्यु दर का सही डेटा मिल सके।
प्राइवेट अस्पतालों के लिए क्या हैं नए नियम?
इस नियम के तहत मातृत्व गृह (maternity homes), पीडियाट्रिक और मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों को अब एक तय फॉर्मेट में जानकारी देनी होगी। उन्हें न केवल स्थानीय अधिकारियों को बताना होगा, बल्कि हर महीने इस डेटा को Health Management Information System (HMIS) और Civil Registration System (CRS) जैसे सरकारी पोर्टल पर भी चढ़ाना होगा। जो अस्पताल अभी तक HMIS पर रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें जिला स्वास्थ्य अधिकारी या सिविल सर्जन से यूजर आईडी लेनी होगी।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों से पूरी जानकारी न मिलने के कारण बच्चों की मौत के असली आंकड़ों में कमी रह जाती थी। स्वास्थ्य सेवाओं के उपनिदेशक डॉ. कैलाश बाविस्कर ने बताया कि इस रिपोर्टिंग से यह समझने में मदद मिलेगी कि इलाज में कहां देरी हुई या रेफरल सिस्टम में क्या कमी रही। वहीं, संदीप सांगले ने कहा कि समय पर जानकारी मिलने से यह पता चलेगा कि स्वास्थ्य व्यवस्था कहां फेल हो रही है, जिससे भविष्य में बच्चों की जान बचाई जा सकेगी।
डॉक्टरों और अस्पतालों का क्या कहना है?
कुछ प्राइवेट डॉक्टरों ने इस बात से इनकार किया है कि वे जानकारी छुपाते हैं। एक पीडियाट्रिशियन के मुताबिक, हर मौत के बाद डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जो अपने आप में एक सूचना बन जाती है। बांद्रा के एक ट्रस्ट अस्पताल के मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर ने भी कहा कि वे पहले से ही हर महीने जरूरी डेटा पोर्टल पर दर्ज कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्राइवेट अस्पतालों को कितने समय में मौत की जानकारी देनी होगी?
महाराष्ट्र सरकार के नए नियम के अनुसार, 0 से 5 साल के बच्चों की मौत की जानकारी 24 घंटे के भीतर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को देनी होगी।
डेटा किन सरकारी पोर्टल्स पर दर्ज करना होगा?
अस्पतालों को हर महीने Health Management Information System (HMIS) और Civil Registration System (CRS) पोर्टल पर डेटा अपडेट करना होगा।