Maharashtra में स्कूल मैनेजमेंट बदलने से नहीं बदलेगा अल्पसंख्यक दर्जा, सरकार ने जारी किया नया नियम
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। अब अगर किसी गैर-अल्पसंख्यक स्कूल का मैनेजमेंट किसी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान को ट्रांसफर किया जाता है, तो उस स्कूल को
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। अब अगर किसी गैर-अल्पसंख्यक स्कूल का मैनेजमेंट किसी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान को ट्रांसफर किया जाता है, तो उस स्कूल को अपने आप अल्पसंख्यक दर्जा नहीं मिलेगा। सरकार ने यह बात साफ कर दी है कि केवल मैनेजमेंट बदलने से स्कूल की मूल पहचान नहीं बदलेगी।
महाराष्ट्र स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को एक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी कर इस भ्रम को दूर किया है। विभाग ने बताया कि किसी भी संस्थान को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30(1) के तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा तभी मिलेगी जब वह दो शर्तों को पूरा करेगा। पहली शर्त यह है कि संस्थान की स्थापना किसी धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा की गई हो, और दूसरी शर्त यह कि उसका प्रशासन भी उसी अल्पसंख्यक समुदाय के पास हो। केवल एक शर्त पूरी होने पर अल्पसंख्यक दर्जा नहीं दिया जाएगा।
यह नया स्पष्टीकरण 2012 की एक पॉलिसी से पैदा हुए कन्फ्यूजन को खत्म करने के लिए लाया गया है, जिसमें आपसी सहमति से अल्पसंख्यक और गैर-अल्पसंख्यक संस्थानों के बीच मैनेजमेंट ट्रांसफर की अनुमति थी। इससे पहले फरवरी 2026 में कई संस्थानों को जल्दबाजी में अल्पसंख्यक दर्जा देने के मामले में विवाद हुआ था, जिसके बाद हाई-लेवल जांच हुई थी और एक अधिकारी का ट्रांसफर भी किया गया था। इसी सिलसिले में जुलाई 2026 में अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया की जांच और सुधार के लिए एक कमेटी बनाने की योजना भी तैयार की गई है।