Maharashtra : मुंबई के नरीमन पॉइंट पर स्थित मशहूर Air India बिल्डिंग अब महाराष्ट्र सरकार की हो गई है। सरकार ने इसे 1,601 करोड़ रुपये में खरीदा है ताकि सरकारी दफ्तरों के लिए जगह की कमी को दूर किया जा सके। इस सौदे के बाद अ
Maharashtra : मुंबई के नरीमन पॉइंट पर स्थित मशहूर Air India बिल्डिंग अब महाराष्ट्र सरकार की हो गई है। सरकार ने इसे 1,601 करोड़ रुपये में खरीदा है ताकि सरकारी दफ्तरों के लिए जगह की कमी को दूर किया जा सके। इस सौदे के बाद अब कई सरकारी ऑफिस, जो अभी किराए की इमारतों में चल रहे हैं, इस नई बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे।
Air India बिल्डिंग खरीदने की पूरी प्रक्रिया क्या रही?
इस बिल्डिंग को खरीदने की बातचीत 2021 में ही शुरू हो गई थी। नवंबर 2023 में महाराष्ट्र कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी और मार्च 2024 में केंद्र सरकार ने फाइनल हरी झंडी दे दी। अप्रैल 2026 में वित्त विभाग से PWD को करीब 1,600 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। मंगलवार, 2 जून 2026 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में कागजी कार्रवाई पूरी कर बिल्डिंग का कब्जा ले लिया गया।
बिल्डिंग का इस्तेमाल कैसे होगा और क्या बदलाव आएंगे?
यह 23 मंजिला इमारत समुद्र के किनारे है और इसमें लगभग 46,470 वर्ग मीटर जगह है। PWD मंत्री Shivendrasinhraje Bhosale ने कहा है कि इसे एक मॉडल सरकारी कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। सरकार का मकसद किराए के खर्च को कम करना और प्रशासनिक कामकाज को एक जगह लाना है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जाए और जरूरी मरम्मत के बाद इसे एक साल के भीतर तैयार किया जाए। साथ ही, मुख्य गेट को महाराष्ट्र की विरासत के हिसाब से दोबारा डिजाइन किया जाएगा।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल कीमत |
1,601 करोड़ रुपये |
| बिल्डिंग की ऊंचाई |
23 मंजिल |
| कुल जगह |
46,470 वर्ग मीटर |
| निर्माण वर्ष |
1974 |
| खरीदने वाली एजेंसी |
Public Works Department (PWD) |
| बेचने वाली एजेंसी |
Air India Assets Holding Limited (AIAHL) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र सरकार ने Air India बिल्डिंग क्यों खरीदी?
सरकार को मुंबई में ऑफिस स्पेस की काफी कमी थी, खासकर 2012 में मंत्रालय में लगी आग के बाद। अब किराए के दफ्तरों को यहाँ शिफ्ट करके खर्च कम किया जाएगा और कामकाज बेहतर होगा।
इस सौदे में कितनी राशि का भुगतान हुआ?
महाराष्ट्र सरकार ने इस आइकॉनिक बिल्डिंग के लिए 1,601 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसके अलावा, AIAHL के करीब 298 से 300 करोड़ रुपये के बकाया ब्याज और आय को माफ करने पर सहमति बनी थी।