Maharashtra सरकार ने VPDAs में रखे 20,993 करोड़ रुपये, CAG ने बताया गलत तरीका
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने वित्तीय वर्ष के खत्म होने के बाद भी लगभग 20,993.06 करोड़ रुपये वर्चुअल पर्सनल डिपॉजिट अकाउंट्स (VPDAs) में बिना इस्तेमाल किए छोड़ दिए। Comptroller and Auditor General (CAG) ने अपनी रिपोर्
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने वित्तीय वर्ष के खत्म होने के बाद भी लगभग 20,993.06 करोड़ रुपये वर्चुअल पर्सनल डिपॉजिट अकाउंट्स (VPDAs) में बिना इस्तेमाल किए छोड़ दिए। Comptroller and Auditor General (CAG) ने अपनी रिपोर्ट में इस तरीके को गलत बताया है और कहा है कि यह वित्तीय रूप से समझदारी भरा कदम नहीं था।
यह मामला ‘State Finance for the year 2024-25’ की रिपोर्ट में सामने आया है, जिसे शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को पेश किया गया। प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) D Jaisankar ने यह रिपोर्ट पेश की। CAG ने पाया कि जब इतना बड़ा पैसा सरकारी खजाने (treasury) से बाहर रखा जाता है, तो इससे राज्य के वित्तीय घाटे की स्थिति गलत दिखती है और सरकार को जरूरत से ज्यादा कर्ज लेना पड़ता है।
रिपोर्ट में फंड मैनेजमेंट और इंटरनल कंट्रोल की कमियों को उजागर किया गया है। इसका सीधा असर राज्य के आंकड़ों पर पड़ा, जिसे नीचे दी गई टेबल से समझा जा सकता है:
| विवरण | राशि (करोड़ रुपये में) |
|---|---|
| VPDAs में बिना इस्तेमाल किया गया फंड | 20,993.06 |
| वास्तविक रेवेन्यू घाटा (यदि फंड वापस आता) | 9,001.70 |
| दिखाया गया रेवेन्यू घाटा (फंड रोकने के कारण) | 29,994.76 |
CAG ने सिफारिश की है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि सभी उधार बजट के दायरे में हों। साथ ही, VPDA के कामकाज की समीक्षा की जाए ताकि साल के अंत में बचा हुआ पैसा वापस Consolidated Fund में जमा हो सके। इससे सरकारी खातों में वास्तविक खर्च दिखेगा और नियमों का पालन होगा। VPDAs एक डिजिटल सिस्टम है जिसका इस्तेमाल सरकारी सब्सिडी और अनुदान को मैनेज करने के लिए किया जाता है।