MMR में अब एक ही सिस्टम से चलेंगी बसें, महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई तक एकीकृत नेटवर्क बनाने की तैयारी की
Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत आने वाली है। महाराष्ट्र सरकार ने इलाके की अलग-अलग बस सेवाओं को एक ही सिस्टम के तहत लाने की योजना शुरू की है। इसका मकसद यह है कि यात्रियो
Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत आने वाली है। महाराष्ट्र सरकार ने इलाके की अलग-अलग बस सेवाओं को एक ही सिस्टम के तहत लाने की योजना शुरू की है। इसका मकसद यह है कि यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर जाने में कोई दिक्कत न हो और पूरा ट्रांसपोर्ट सिस्टम आसान हो जाए। सरकार ने इस काम के लिए सोमवार, 15 जून 2026 को एक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी कर दिया है।
शहरी विकास विभाग द्वारा जारी इस GR के मुताबिक, अब MMR के सभी सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के रूट, समय, किराया और टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस पहल को NITI Aayog के G-HUB प्रोग्राम के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक रेगुलेटरी बोर्ड और मुख्य सचिव की अगुवाई में एक समन्वय समिति पहले से ही काम कर रही है।
इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए दो खास ग्रुप बनाए गए हैं। पहला एक आठ सदस्यीय तकनीकी समिति है, जिसकी कमान BEST के असिस्टेंट जनरल मैनेजर (ट्रांसपोर्ट और ऑपरेशंस) संभालेंगे। इसमें नवी मुंबई, ठाणे, मीरा भायंदर, कल्याण डोंबिवली, वसई विरार और पनवेल जैसे नगर निगमों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह कमेटी 15 जुलाई 2026 तक रूटों की समीक्षा करेगी ताकि एक ही रास्ते पर कई बसों की भीड़ कम हो और समय का तालमेल बैठ सके।
वहीं, दूसरा एक हाई-लेवल स्टडी ग्रुप बनाया गया है, जिसके हेड BEST के जनरल मैनेजर होंगे। इस ग्रुप में ठाणे, नवी मुंबई और कल्याण-डोंबिवली समेत कई नगर निगमों के कमिश्नर शामिल हैं। यह ग्रुप किराए के ढांचे पर फैसला लेगा, जिसमें एक समान किराया या फिर दूरी के हिसाब से घटने वाला (टेलीस्कोपिक) किराया सिस्टम लागू करने पर विचार हो रहा है। यह ग्रुप अपनी फाइनल रिपोर्ट 31 जुलाई 2026 तक सरकार को सौंपेगा।
इस नए सिस्टम से आम जनता को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा क्योंकि उन्हें अलग-अलग बसों के लिए अलग टिकट या अलग नियमों की चिंता नहीं करनी होगी। सरकार का लक्ष्य है कि जुलाई तक इस एकीकृत बस परिवहन योजना को पूरी तरह से रोल आउट कर दिया जाए, जिससे MMR का पूरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम आधुनिक और आसान बन सके।