Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार राज्य में ऐप आधारित सहकारी टैक्सी एग्रीगेटर सेवाओं को मंजूरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने मंगलवार को बताया कि इसके लिए जल्द ही गाइडलाइन्स तैयार की जाएंगी। इस कदम का मकसद
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार राज्य में ऐप आधारित सहकारी टैक्सी एग्रीगेटर सेवाओं को मंजूरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने मंगलवार को बताया कि इसके लिए जल्द ही गाइडलाइन्स तैयार की जाएंगी। इस कदम का मकसद लाखों टैक्सी ड्राइवरों को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा देना है ताकि वे केवल कर्मचारी न रहकर बिजनेस के हिस्सेदार बन सकें।
क्या है ‘सारथी ही मालिक’ मॉडल और कैसे काम करेगा
इस नई पहल को ‘सारथी ही मालिक’ के सिद्धांत पर बनाया गया है। इसका मतलब है कि ड्राइवर इस स्कीम में निवेश करके खुद मालिक बन सकते हैं। यह सहकारी प्लेटफॉर्म Sahakar Taxi Co-operative Limited (Bharat Taxi) के जरिए शुरू होगा, जिसे केंद्रीय मंत्री Amit Shah के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। यह मॉडल प्राइवेट कंपनियों के मुकाबले ड्राइवरों को ज्यादा फायदा पहुँचाने के लिए बनाया गया है।
सवारियों और ड्राइवरों को क्या फायदा होगा
यह सर्विस जीरो-कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग (समय के हिसाब से किराया बढ़ाना) के मॉडल पर काम करेगी। इससे यात्रियों को मौजूदा प्राइवेट ऐप के मुकाबले करीब 30% तक सस्ता किराया मिल सकता है। वहीं, कमीशन न होने की वजह से ड्राइवरों की कमाई में बढ़ोत्तरी होगी। ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और बाद में टियर-2 शहरों के लिए नियम जल्द तैयार करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सहकारी टैक्सी सर्विस से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
यह सर्विस जीरो-कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग मॉडल पर चलेगी, जिससे सवारियों को किराया 30% तक सस्ता मिल सकता है।
ड्राइवरों के लिए इस योजना में क्या खास है?
‘सारथी ही मालिक’ मॉडल के तहत ड्राइवर निवेश करके इस सहकारी संस्था के हिस्सेदार बन सकेंगे, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।