Maharashtra: मुंबई के पॉश इलाके Nariman Point में स्थित मशहूर Air India बिल्डिंग अब आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र सरकार के कब्जे में आ गई है। मंगलवार, 2 जून 2026 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की मौजूदगी में इस बिल्डिंग क
Maharashtra: मुंबई के पॉश इलाके Nariman Point में स्थित मशहूर Air India बिल्डिंग अब आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र सरकार के कब्जे में आ गई है। मंगलवार, 2 जून 2026 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की मौजूदगी में इस बिल्डिंग के कागजात का ट्रांसफर पूरा हुआ। सरकार ने यह कदम सरकारी दफ्तरों को एक जगह लाने और प्राइवेट रेंट पर होने वाले भारी खर्च को कम करने के लिए उठाया है।
बिल्डिंग की खरीद और पैसों का पूरा हिसाब
महाराष्ट्र सरकार ने इस 22 मंजिला ऊंची इमारत को खरीदने के लिए 1,601 करोड़ रुपये चुकाए हैं। इस डील को जल्द पूरा करने के लिए कैबिनेट ने लगभग 298.42 करोड़ से 300 करोड़ रुपये की पेनल्टी और ट्रांसफर फीस को माफ किया है। इस बिल्डिंग में करीब 5 लाख स्क्वायर फीट का ऑफिस स्पेस है। सरकार को उम्मीद है कि अलग-अलग जगहों पर किराए के दफ्तरों से पीछा छूटने के बाद हर साल करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होगी।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल खरीद कीमत |
₹1,601 करोड़ |
| माफ की गई राशि |
₹298.42 – ₹300 करोड़ |
| सालाना संभावित बचत |
₹200 करोड़ |
| कुल ऑफिस एरिया |
46,470 वर्ग मीटर |
कब तक शुरू होंगे सरकारी कामकाज
बिल्डिंग का कब्जा तो मिल गया है, लेकिन अभी यहां ऑफिस शिफ्ट होना मुमकिन नहीं है। PWD मंत्री Shivendrasinhraje Bhosale ने बताया कि यह 50 साल पुरानी बिल्डिंग है और इसकी हालत अभी ठीक नहीं है। यहां की लिफ्ट और सेंट्रल एसी काम नहीं कर रहे हैं। सरकार पहले पूरी बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराएगी और उसकी मरम्मत करेगी। इस मरम्मत और इंटीरियर काम में 6 से 12 महीने का समय लग सकता है।
क्यों जरूरी थी यह बिल्डिंग
साल 2012 में मंटरालय में लगी आग के बाद कई सरकारी विभागों को प्राइवेट बिल्डिंग्स में किराए पर शिफ्ट होना पड़ा था। इससे सरकार पर किराए का बहुत बोझ बढ़ गया था और फाइलें भी अलग-अलग जगहों पर बिखर गई थीं। अब इस नई बिल्डिंग के आने से प्रशासनिक तालमेल बेहतर होगा और सरकारी कामकाज एक ही छत के नीचे हो सकेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र सरकार ने एयर इंडिया बिल्डिंग कितने में खरीदी है?
महाराष्ट्र सरकार ने इस बिल्डिंग के लिए 1,601 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और करीब 300 करोड़ रुपये की पेनल्टी माफ की है।
क्या सरकारी दफ्तर तुरंत इस बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएंगे?
नहीं, बिल्डिंग पुरानी होने के कारण लिफ्ट और एसी खराब हैं। मरम्मत और ऑडिट के काम में 6 से 12 महीने का समय लगेगा, उसके बाद ही शिफ्टिंग होगी।