Maharashtra: राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की मौजूदगी में मुंबई के सह्याद्रि स्टेट गेस्ट हाउ
Maharashtra: राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की मौजूदगी में मुंबई के सह्याद्रि स्टेट गेस्ट हाउस में South Korean संस्थानों के साथ तीन महत्वपूर्ण MoU साइन किए गए। इन समझौतों का मकसद राज्य में स्किल डेवलपमेंट और वोकेशनल ट्रेनिंग को मजबूत करना है ताकि युवाओं को आधुनिक तकनीक सीखने को मिले।
इन समझौतों से युवाओं को क्या फायदा होगा?
इन समझौतों के जरिए महाराष्ट्र के छात्रों और युवाओं के लिए ग्लोबल मौके खुलेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को बेसिक इंडस्ट्रियल स्किल्स से लेकर एडवांस टेक्नोलॉजी तक की ट्रेनिंग दी जाए। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कहा कि South Korea की नई इंडस्ट्रीज और बिजनेस तकनीक से भारत को मदद मिलेगी, जिससे महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में सहायता मिलेगी। कौशल विकास मंत्री Mangal Prabhat Lodha ने बताया कि इससे युवाओं को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग और विदेश में नौकरी के अवसर मिलेंगे।
कौन से संस्थानों के बीच हुए समझौते और क्या है प्लान?
कुल तीन अलग-अलग समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
- DVET और Korea Polytechnics: इसके तहत महाराष्ट्र में ‘लर्निंग फैक्ट्री’ मॉडल पर आधारित एडवांस ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जहाँ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
- MSSDS और National Institute for Lifelong Education: इसका उद्देश्य राज्य में लाइफलोंग लर्निंग पॉलिसी बनाना और डिजिटल लर्निंग सिस्टम शुरू करना है ताकि लोग अपनी स्किल्स को अपडेट कर सकें।
- Ratan Tata Maharashtra State Skills University और KAIST: यह साझेदारी डिजिटल इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित होगी। इसके तहत चुनिंदा फैकल्टी और छात्रों को South Korea में मास्टर और डॉक्टरेट कोर्स करने का मौका मिलेगा।
ट्रेनिंग सेंटर कब तक शुरू होंगे?
इन सेंटर्स को पूरी तरह चालू करने के लिए एक समय सीमा तय की गई है। 21 और 22 मई 2026 को मुंबई में विशेषज्ञों की एक वर्कशॉप आयोजित की गई है। इसके बाद मई से सितंबर 2026 के बीच एडवांस ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए स्ट्रैटेजी मैनुअल तैयार किए जाएंगे। उम्मीद है कि ये सेंटर मार्च 2027 से जून 2028 के बीच पूरी तरह से काम करना शुरू कर देंगे। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी Manisha Verma ने बताया कि ‘Daksh’ पहल को कोरिया-वर्ल्ड बैंक पार्टनरशिप फैसिलिटी से भी सहयोग मिलेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र के युवाओं के लिए इन समझौतों का मुख्य लाभ क्या है?
इन समझौतों से युवाओं को South Korea की आधुनिक तकनीक और वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे उन्हें राज्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
एडवांस ट्रेनिंग सेंटर्स कब तक चालू होंगे?
इन सेंटर्स के लिए रणनीति मई से सितंबर 2026 तक तैयार की जाएगी और इनके मार्च 2027 से जून 2028 के बीच पूरी तरह ऑपरेशनल होने की संभावना है।