Maharashtra में कर्ज माफी योजना को लेकर बनीं 3 कमेटियां, CM फडणवीस करेंगे निगरानी
Maharashtra: राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026’ को सही तरीके से लागू करने के लिए तीन अलग-अलग कमेटियां बनाई हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब विपक्ष और किसान संगठनों ने यो
Maharashtra: राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026’ को सही तरीके से लागू करने के लिए तीन अलग-अलग कमेटियां बनाई हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब विपक्ष और किसान संगठनों ने योजना की शर्तों को बहुत कड़ा बताया था और आरोप लगाया था कि कई किसान इस लाभ से वंचित रह जाएंगे। सरकार ने 17 जून 2026 को तीन सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी कर इन कमेटियों के गठन और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी दी है।
इस पूरी योजना की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाई गई है। इसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार और अन्य कैबिनेट मंत्री शामिल हैं। इस कमेटी का मुख्य काम यह देखना होगा कि पात्र किसानों को समय पर लाभ मिले, पारदर्शिता बनी रहे और बैंकों द्वारा नए फसल ऋण देने में कोई दिक्कत न आए।
योजना के नियमों को सरल बनाने और विभागों के बीच तालमेल बिठाने के लिए मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में एक दूसरी कमेटी बनाई गई है। वहीं, बैंकों के साथ बातचीत करने के लिए एक तीसरी कमेटी गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) करेंगे। यह कमेटी राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के साथ मिलकर कर्ज माफी और वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) की राशि तय करेगी।
कर्ज माफी योजना की मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में समझें:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल बजट | 36,585 करोड़ रुपये |
| लाभार्थी किसान | लगभग 55.72 लाख |
| पात्र ऋण अवधि | 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए शॉर्ट-टर्म फसल ऋण |
| पूर्ण माफी की सीमा | 2 लाख रुपये तक का कुल बकाया (मूलधन और ब्याज) |
| One-Time Settlement (OTS) | 2 लाख से अधिक कर्ज होने पर, अतिरिक्त राशि 31 मार्च 2027 तक जमा करने पर 2 लाख की माफी |
| समय पर भुगतान का इनाम | 2022-25 के बीच 2 साल समय पर भुगतान करने वालों को 50,000 रुपये तक का अनुदान |
| पात्रता शर्त | जमीन के मालिकाना हक की कोई शर्त नहीं है |
हालांकि, इस योजना में कुछ लोगों को बाहर रखा गया है। वर्तमान और पूर्व सांसद, विधायक, MLC, मंत्री, स्थानीय निकाय सदस्य और सरकारी कर्मचारी (जिनकी सैलरी/पेंशन 25,000 रुपये से ज्यादा है) इसका लाभ नहीं ले पाएंगे। साथ ही, गैर-कृषि आय से टैक्स भरने वाले लोग भी इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।