Maharashtra सरकार की मांग, मराठी भाषा के लिए केंद्र सरकार बनाए Centre of Excellence

Maharashtra: राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से मराठी भाषा के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) बनाने की मांग की है। मराठी को शास्त्रीय भाषा (Classical Language) का दर्जा मिलने के बाद अब इसे और आगे बढ़ाने की तैयारी है। मराठी भ

Maharashtra: राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से मराठी भाषा के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) बनाने की मांग की है। मराठी को शास्त्रीय भाषा (Classical Language) का दर्जा मिलने के बाद अब इसे और आगे बढ़ाने की तैयारी है। मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को विधान परिषद में यह जानकारी दी।

मंत्री उदय सामंत ने बताया कि सरकार ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) को इसके लिए प्रस्ताव भेज दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सेंटर बनाने की प्रक्रिया में अक्सर समय लगता है। उदाहरण के तौर पर तमिल भाषा के लिए 16 साल और तेलुगु के लिए 12 साल का समय लगा था। संस्कृत भाषा को 2022-23 में ग्रांट मिली थी।

भले ही केंद्र से मंजूरी और फंड का इंतजार है, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने मराठी के प्रचार-प्रसार के लिए कई काम शुरू कर दिए हैं। लंदन में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर एक ग्लोबल मराठी लैंग्वेज सेंटर बनाया जा रहा है। इसके लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से एक ऐतिहासिक इमारत खरीदी गई है, जो अगले दो महीनों में शुरू हो जाएगी।

मुंबई के चर्नी रोड पर मराठी भाषा भवन का काम चल रहा है, जो दिसंबर 2027 तक पूरा होगा। साथ ही ऐरोली में 34 करोड़ रुपये की लागत से एक सब-सेंटर भी बनाया जाएगा। सरकार ने दुनिया भर में मराठी को बढ़ावा देने के लिए 75 अंतरराष्ट्रीय मंचों का लक्ष्य रखा था, जिनमें से 39 शुरू हो चुके हैं।

राज्य के हर जिले में अगले एक महीने के भीतर जिला भाषा अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा, शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर, पुणे, कोल्हापुर और रत्नागिरी में मराठी भाषा विकास केंद्र खोले जाएंगे। ग्रामीण लेखकों की मदद के लिए यशवंतराव चव्हाण के नाम पर अनुवाद समिति को फिर से शुरू करने का फैसला लिया गया है। साथ ही संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम गाथा, निवृतिनाथ और निलोबाराय के साहित्य को फैलाने के लिए आर्थिक मदद दी गई है।