Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने करीब 100 साल पुराने ‘बॉम्बे बोर्स्टल स्कूल्स एक्ट, 1929’ को खत्म कर दिया है। इस फैसले के बाद नासिक के बोर्स्टल स्कूल (किशोर सुधारालय) की हालत अब अधर में लटक गई है। यह स्कूल यु
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने करीब 100 साल पुराने ‘बॉम्बे बोर्स्टल स्कूल्स एक्ट, 1929’ को खत्म कर दिया है। इस फैसले के बाद नासिक के बोर्स्टल स्कूल (किशोर सुधारालय) की हालत अब अधर में लटक गई है। यह स्कूल युवाओं को जेल के बजाय सुधारने का एक मौका देने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसका कैंपस लगभग खाली पड़ा है।
यह कानून क्यों हटाया गया और किसने लिया फैसला
बीजेपी मंत्री Ashish Shelar ने विधानसभा में ‘महाराष्ट्र रिपीलिंग बिल, 2026’ पेश किया, जिसके तहत 1929 के इस कानून समेत लगभग 80 पुराने कानूनों को खत्म किया गया है। सरकार ने बताया कि 2022 में बनी ‘गुड गवर्नेंस कमेटी’ की सिफारिश पर यह कदम उठाया गया है। इस कमेटी में पूर्व मुख्य सचिव शामिल थे, जिन्होंने पुराने और बेकार हो चुके कानूनों को हटाने का सुझाव दिया था।
Nashik Borstal School क्या था और अब क्या होगा
यह स्कूल 16 से 21 साल के किशोर अपराधियों को शिक्षा और ट्रेनिंग देने के लिए बनाया गया था ताकि उन्हें जेल न जाना पड़े। हालांकि, पिछले कुछ समय से यहाँ के कैदियों को Juvenile Justice Act के तहत भेजा जा रहा था, जिससे काम करने के तरीके में उलझन बनी हुई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने भी 2016 में इस कानून को पुराना बताते हुए इसे हटाने की बात कही थी।
विपक्ष की राय और मौजूदा स्थिति
- कांग्रेस विधायक नाना पटोले और नितिन राउत ने कानूनों को इस तरह हटाने का विरोध किया है।
- विपक्ष का कहना है कि इससे उन समुदायों के अधिकारों पर असर पड़ सकता है जो इन कानूनों के दायरे में थे।
- सरकार ने भरोसा दिलाया है कि नए कानूनी ढांचे में सभी मौजूदा अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
- नासिक बोर्स्टल स्कूल के अधिकारियों और जेल विभाग को अभी तक इस बदलाव के बाद के अगले कदमों की जानकारी नहीं मिली है।