Maharashtra: राज्य सरकार ने प्रस्तावित देवस्थान इनाम भूमि कानून को फिलहाल रोक दिया है। इस कानून का महाराष्ट्र मंदिर महासंघ और विश्व हिंदू परिषद जैसे कई संगठनों ने कड़ा विरोध किया था। अब सरकार इस मामले पर 15 अगस्त 2026 तक
Maharashtra: राज्य सरकार ने प्रस्तावित देवस्थान इनाम भूमि कानून को फिलहाल रोक दिया है। इस कानून का महाराष्ट्र मंदिर महासंघ और विश्व हिंदू परिषद जैसे कई संगठनों ने कड़ा विरोध किया था। अब सरकार इस मामले पर 15 अगस्त 2026 तक सुनवाई करेगी और लोगों के सुझाव मांगेगी।
नया कानून क्यों रोका गया और अब क्या होगा
राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule ने बताया कि इस ड्राफ्ट कानून को लेकर काफी गलतफहमियां फैल गई थीं और बड़ी संख्या में आपत्तियां मिली थीं। इसी वजह से इसे अभी रोक दिया गया है। अब Additional Chief Secretary (Revenue) Vikas Kharge की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, जो इस कानून का नया ड्राफ्ट तैयार करेगी।
महत्वपूर्ण तारीखें और नियम क्या हैं
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक समय सीमा तय की है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। आप नीचे दी गई लिस्ट में जरूरी तारीखें देख सकते हैं:
- 15 अगस्त 2026: आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई की आखिरी तारीख।
- 15 सितंबर 2026: संशोधित ड्राफ्ट पर जिला कलेक्टर ऑफिस में सुझाव देने की अंतिम तिथि।
- दिसंबर 2026: विधानसभा सत्र के दौरान अंतिम कानून पेश किया जाएगा।
सरकार का मकसद और विरोध का कारण
सरकार का कहना है कि वह राज्य की करीब 5.5 लाख हेक्टेयर देवस्थान जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना चाहती है और उसे कानूनी सुरक्षा देना चाहती है। मंत्री Bawankule ने संकेत दिया कि वे वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की तरह ही मंदिर की जमीनों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान ला सकते हैं। वहीं, मंदिर संगठनों का आरोप था कि इस कानून से मंदिरों की स्वायत्तता कम होगी और संपत्तियों का व्यवसायीकरण हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
देवस्थान इनाम भूमि कानून का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकार का उद्देश्य राज्य की लगभग 5.5 लाख हेक्टेयर मंदिर की जमीनों को अतिक्रमण से बचाना और उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है ताकि ये संपत्तियां मंदिर संस्थानों के नियंत्रण में रहें।
आम नागरिक या मंदिर ट्रस्ट अपनी आपत्ति कहां दर्ज करा सकते हैं?
संशोधित ड्राफ्ट तैयार होने के बाद, नागरिक और देवस्थान अधिकारी अपने संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालय में 15 सितंबर 2026 तक अपने सुझाव और आपत्तियां जमा कर सकते हैं।