Maharashtra में धर्म बदलने वाले STs को मिलेंगे सरकारी लाभ या नहीं, जांच के लिए 27 सदस्यों की कमेटी गठित
Maharashtra: राज्य सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है जो इस बात की जांच करेगी कि क्या अनुसूचित जनजाति (ST) के वे लोग जो अपना धर्म बदल लेते हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ और आरक्षण मिलता रहना चाहिए। यह फैसला नंदुरबार ज
Maharashtra: राज्य सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है जो इस बात की जांच करेगी कि क्या अनुसूचित जनजाति (ST) के वे लोग जो अपना धर्म बदल लेते हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ और आरक्षण मिलता रहना चाहिए। यह फैसला नंदुरबार जिले के नवापुर तालुका में कथित तौर पर हो रहे धर्म परिवर्तन के मामलों पर विधानसभा में हुई चर्चा के बाद लिया गया है।
जनजातीय विकास विभाग ने 16 जुलाई 2026 को इस संबंध में सरकारी आदेश (GR) जारी किया। यह कदम 2025 के मानसून सत्र के दौरान दिए गए आश्वासन को पूरा करने के लिए उठाया गया है। इस 27 सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता जनजातीय विकास मंत्री प्रो. डॉ. अशोक उइके करेंगे और राज्य मंत्री इंद्रनील नाइक इसके उपाध्यक्ष होंगे। इस पैनल में अनुसूचित जनजाति के 22 विधायकों को भी शामिल किया गया है।
कमेटी का मुख्य काम केंद्र और राज्य के मौजूदा कानूनों का अध्ययन करना है ताकि महाराष्ट्र के लिए एक स्पष्ट नीति बनाई जा सके। यह पैनल देखेगा कि धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण और कल्याणकारी लाभों की कानूनी स्थिति क्या है और अन्य राज्यों या केंद्र सरकार इस मामले में क्या तरीका अपनाते हैं। हालांकि, सरकारी आदेश में यह नहीं बताया गया है कि कमेटी को अपनी रिपोर्ट कब तक देनी है।
इस पूरे मामले में अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। बीजेपी विधायक अनूपभैया अग्रवाल और अन्य सदस्यों ने दावा किया था कि ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रलोभन देकर आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, इसलिए धर्म बदलने वालों से लाभ वापस लिए जाने चाहिए। वहीं, आरएसएस से जुड़ी वनवासी कल्याण आश्रम समर्थित जनजातीय सुरक्षा मंच (JSM) ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांग की थी कि जो लोग अपनी पारंपरिक संस्कृति और आस्था छोड़ देते हैं, उन्हें ST की लिस्ट से बाहर किया जाए।
दूसरी तरफ, राज्य सरकार ने 17 मार्च 2026 को ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ (Freedom of Religion Bill) को मंजूरी दी है। इस कानून के तहत जबरन, धोखाधड़ी या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है। इस कानून के मुताबिक, धर्म बदलने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस देना होगा और परिवर्तन के 21 दिन बाद फिर से सूचित करना होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि यह कानून केवल उन धर्मांतरणों को रोकने के लिए है जो दबाव या धोखे से किए जाते हैं।