Maharashtra में होमियोपैथ रजिस्ट्रेशन पर हाई कोर्ट का आदेश, CM फडणवीस बोले- सरकार मानेगी फैसला, डॉक्टर हड़ताल खत्म करें
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने होमियोपैथ डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को साफ किया कि राज्य सरकार इस मामल
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने होमियोपैथ डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को साफ किया कि राज्य सरकार इस मामले में तटस्थ रहेगी और कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक काम करेगी। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की है कि वे अपनी हड़ताल खत्म करें ताकि मरीजों के इलाज में कोई रुकावट न आए।
इस पूरे विवाद की शुरुआत 3 अगस्त 2026 को हुई थी, जब सरकार ने एक आदेश (GR) जारी किया। इस आदेश के जरिए उन BHMS डॉक्टरों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) में रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी गई, जिन्होंने एक साल का मॉडर्न फार्माकोलॉजी कोर्स (CCMP) किया है। इसके बाद महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी।
हाई कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए रेजिडेंट डॉक्टरों को तुरंत हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर वेतनभोगी कर्मचारी हैं और उन्हें मरीजों की देखभाल करनी होगी, अगर लापरवाही हुई तो वे जिम्मेदार होंगे। MARD ने कोर्ट के आदेश को मानने की सहमति जताई है।
महाराष्ट्र अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहाँ CCMP कोर्स करने वाले होमियोपैथी ग्रेजुएट्स को आधुनिक दवाओं (Allopathic medicines) की एक तय लिस्ट लिखने की अनुमति मिली है। सरकार का मानना है कि सभी चिकित्सा प्रणालियों के डॉक्टर समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। IMA का कहना है कि छोटे कोर्स से मेडिकल एजुकेशन की जगह नहीं ली जा सकती और इससे मरीजों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
ताजा अपडेट के मुताबिक, 5 अगस्त को MMC ने पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिए हैं। फिलहाल करीब 2,500 आवेदन लंबित हैं जिन पर प्रक्रिया जारी है।