Maharashtra में 17,036 करोड़ की Bhayander-Ghodbunder लिंक को मंजूरी, अब BOT मॉडल से बनेगा प्रोजेक्ट
Maharashtra: मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार, 22 जून 2026 को 17,036 करोड़ रुपये की लागत वाले भायंदर-घोडबंदर कॉरिडोर प्रोजेक
Maharashtra: मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार, 22 जून 2026 को 17,036 करोड़ रुपये की लागत वाले भायंदर-घोडबंदर कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट अब Build-Operate-Transfer (BOT) मॉडल के जरिए पूरा किया जाएगा, जबकि पहले इसे EPC मॉडल से बनाने की योजना थी।
यह फैसला काफी कानूनी विवादों के बाद आया है। इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया को लेकर करीब एक साल तक विवाद चला, जो बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। लरसन एंड टुब्रो (L&T) ने टेंडर प्रक्रिया को चुनौती दी थी, जिसके बाद MMRDA ने पुराने टेंडर वापस लेकर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया। अब सरकार ने इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत आगे बढ़ाने की तैयारी की है।
इस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की भागीदारी होगी। कुल लागत का 20-20 प्रतिशत हिस्सा (करीब 3,407 करोड़ रुपये each) viability gap funding के रूप में दिया जाएगा, जबकि बाकी का 60 प्रतिशत निवेश निजी कंपनी द्वारा कर्ज और इक्विटी के जरिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ निर्देश दिए हैं कि बड़े प्रोजेक्ट्स को साढ़े तीन साल के भीतर पूरा करना होगा और ठेकेदारों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
| प्रोजेक्ट का हिस्सा | लंबाई और विवरण | खासियत |
|---|---|---|
| एलिवेटेड क्रीक ब्रिज | 9.58 किमी (6 लेन) | भायंदर से फाउंटेन होटल जंक्शन तक, स्पीड 100 kmph |
| ट्विन टनल (सुरंग) | 5.86 किमी (6 लेन) | फाउंटेन होटल जंक्शन से घोडबंदर रोड के गैमुख तक |
सुरंग बनाने के लिए Tunnel Boring Machine (TBM) तकनीक का इस्तेमाल होगा और इसे पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लिंक के बनने से भायंदर और घोडबंदर के बीच का सफर आसान हो जाएगा और स्थानीय लोगों को भारी जाम से राहत मिलेगी।