Maharashtra में 34 ब्लड बैंक और स्टोरेज सेंटर्स के लाइसेंस सस्पेंड, गंभीर लापरवाही मिलने पर FDA की बड़ी कार्रवाई

Maharashtra: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। अप्रैल से जून के बीच राज्य के 21 ब्लड बैंक और 13 ब्लड स्टोरेज सेंटर्स के लाइसेंस

Maharashtra: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। अप्रैल से जून के बीच राज्य के 21 ब्लड बैंक और 13 ब्लड स्टोरेज सेंटर्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। जांच में कई सेंटर्स पर नियमों की भारी अनदेखी और लापरवाही पाई गई, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता था।

FDA और Central Drugs Standard Control Organization (CDSCO) ने जून के आखिरी हफ्ते में संयुक्त जांच की थी। इस दौरान मुंबई के JJ Mahanagar Blood Bank और माया ब्लड सेंटर (बदलापुर) में बहुत गंभीर गड़बड़ियां मिलीं, जिसकी वजह से इनके लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं। JJ Mahanagar ब्लड बैंक में ब्लड बैग्स के गलत निपटान, खराब उपकरणों और ब्लड स्टॉक की अवैध हेराफेरी के आरोप लगे हैं। इस मामले में दो अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है और उन पर आपराधिक मामला भी दर्ज हुआ है।

वहीं, बदलापुर के माया ब्लड सेंटर में डोनेशन कैंप के रिकॉर्ड गायब मिले और तकनीकी स्टाफ की कमी पाई गई। इसके अलावा पुणे के पाटिल हॉस्पिटल और ठाणे के आधार ब्लड स्टोरेज सेंटर के लाइसेंस भी क्वालिटी में भारी कमी के कारण रद्द किए गए हैं।

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने साफ कहा है कि ब्लड बैंक के काम में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद State Blood Transfusion Council (SBTC) ने पूरे महाराष्ट्र के सभी सरकारी और प्राइवेट ब्लड सेंटर्स की जांच के आदेश दिए हैं। SBTC डायरेक्टर डॉ. सुहास मोहनलकर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्टाफ, स्टॉक मैनेजमेंट और नियमों की जांच कर रिपोर्ट सौंपें।

ज्यादातर सस्पेंशन पुणे, मिराज, सांगली और अमरावती के सेंटर्स में हुए हैं। इनमें से कई सेंटर्स में केवल रिकॉर्ड रखने की छोटी गलतियां थीं, जिन्हें सुधारा जा सकता है। लेकिन जिन सेंटर्स पर लाइसेंस रद्द हुए हैं, वहां सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया था।