Mumbai समेत महाराष्ट्र में Blinkit, Zepto और Instamart के आउटलेट्स पर गिरी गाज, हाइजीन नियमों की अनदेखी पर लाइसेंस सस्पेंड

Maharashtra: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्यभर में क्विक कॉमर्स डिलीवरी आउटलेट्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान साफ-सफाई और फूड सेफ्टी के नियमों की भारी अनदेखी मिलने पर कुल 14 आउटल

Maharashtra: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्यभर में क्विक कॉमर्स डिलीवरी आउटलेट्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान साफ-सफाई और फूड सेफ्टी के नियमों की भारी अनदेखी मिलने पर कुल 14 आउटलेट्स के फूड बिजनेस लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 9 आउटलेट्स अकेले मुंबई शहर में हैं।

यह पूरी कार्रवाई 13 अगस्त 2026 को चलाए गए एक विशेष राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान के बाद हुई है, जिसकी घोषणा 14 अगस्त को की गई। FDA ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए खाना और राशन बेचने वाले 86 केंद्रों की जांच की थी। इस दौरान पाया गया कि कई जगहों पर स्वास्थ्य मानकों का पालन नहीं हो रहा था।

लाइसेंस सस्पेंड होने वाले प्लेटफॉर्म्स की बात करें तो Blinkit के 5, Zepto के 5 और Instamart के 2 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा Bhagwati Stores और Swinsta Ent Pvt Ltd के एक-एक लाइसेंस पर भी गाज गिरी है। FDA ने 60 केंद्रों को सुधार के नोटिस दिए हैं और एक सेंटर का काम पूरी तरह रोकने का आदेश दिया है।

प्लेटफॉर्म/आउटलेट सस्पेंड लाइसेंस की संख्या
Blinkit 5
Zepto 5
Instamart 2
Bhagwati Stores 1
Swinsta Ent Pvt Ltd 1

जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। मुंबई के मलाड (वेस्ट) में Blinkit के सेंटर पर चिलर का तापमान तय सीमा से ज्यादा मिला और करीब 40 कर्मचारियों की मेडिकल जांच नहीं हुई थी। वहीं, पुणे के लोहेगांव में Zepto के आउटलेट पर एक्सपायरी डेट निकल चुके सामान रखे मिले। मुंबई के घाटकोपर में Blinkit के एक सेंटर पर सड़ी हुई सब्जियां और कॉकरोच पाए गए, जबकि अंधेरी में Instamart के सेंटर पर खाने के पैकेट सीधे जमीन पर रखे हुए थे।

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने साफ कहा है कि जो भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फूड सेफ्टी और लेबलिंग के नियमों को तोड़ेंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने ग्राहकों को भी सलाह दी है कि वे बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट वाले सामान न खरीदें और ऐसी शिकायतों को तुरंत FDA तक पहुंचाएं। यह कार्रवाई फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत की गई है।