Maharashtra में VIP खाने की टेस्टिंग पर विवाद, FDA अधिकारियों ने पूछा- क्या हम गिनी पिग हैं

Maharashtra: मुंबई में होने वाले बड़े VIP कार्यक्रमों में खाना परोसने से पहले उसकी जांच करने का एक पुराना तरीका है, जिसे लेकर अब FDA अधिकारियों में नाराजगी है। नियमों के मुताबिक, बड़े नेताओं और रसूखदार लोगों के खाना खाने

Maharashtra: मुंबई में होने वाले बड़े VIP कार्यक्रमों में खाना परोसने से पहले उसकी जांच करने का एक पुराना तरीका है, जिसे लेकर अब FDA अधिकारियों में नाराजगी है। नियमों के मुताबिक, बड़े नेताओं और रसूखदार लोगों के खाना खाने से पहले FDA के फूड इंस्पेक्टर और स्थानीय पुलिस कॉन्स्टेबल्स को हर डिश चखनी पड़ती है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह प्रोटोकॉल General Administration Department और Ministry of Protocol द्वारा तय किया गया है। इसके तहत फूड इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों को मेनू के हर आइटम का स्वाद लेना होता है। इसके बाद खाने के सैंपल लेकर उन्हें सील किया जाता है और 72 घंटे तक पुलिस रिकॉर्ड में रखा जाता है। बताया गया है कि एक इंस्पेक्टर की यह ड्यूटी कभी-कभी 13 दिनों तक भी खिंच जाती है।

इस व्यवस्था से परेशान एक वरिष्ठ खाद्य विभाग अधिकारी ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें ‘गिनी पिग’ (प्रयोग के लिए इस्तेमाल होने वाला जानवर) समझा जा रहा है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि इस ड्यूटी के दौरान उनके लिए यात्रा के इंतजाम भी नहीं किए जाते। हाल ही में NCP सांसद सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में भी FDA इंस्पेक्टरों ने इसी तरह हर डिश की टेस्टिंग की थी।

एक राहत की बात यह है कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर, जो पहले इस टीम का हिस्सा थे, अब इस काम से बाहर हो गए हैं। JJ हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट संजय सुरासे ने बताया कि डॉक्टरों को एक हफ्ते पहले इस ड्यूटी से हटाने का लिखित आदेश मिला है, क्योंकि उनकी प्राथमिकता मरीजों की देखभाल करना है।

दूसरी तरफ, महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने 24-25 जून 2026 को ‘Safe Food – Healthy Maharashtra’ अभियान के तहत राज्य भर के होटलों और रेस्टोरेंट के लिए कड़े नियम जारी किए हैं। इसके तहत करीब 4.5 लाख फूड प्रतिष्ठानों की जांच होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल या जुर्माने की सजा हो सकती है। इसके अलावा, मुंबई में अखबारों में खाना परोसने वाले ठेलों पर भी कार्रवाई की गई, जिसमें 1.51 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।