Maharashtra में स्कूलों के पास वड़ा पाव और समोसे की बिक्री पर रोक, FDA ने कड़े नियमों के साथ शुरू किया अभियान
Maharashtra: राज्य सरकार ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के पास बिकने वाले जंक फूड पर सख्ती शुरू कर दी है। अब स्कूल के गेट और आसपास के 50 मीटर के दायरे में वड़ा पाव, समोसे और अन्य तले हुए स्नैक्स बेचने पर
Maharashtra: राज्य सरकार ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के पास बिकने वाले जंक फूड पर सख्ती शुरू कर दी है। अब स्कूल के गेट और आसपास के 50 मीटर के दायरे में वड़ा पाव, समोसे और अन्य तले हुए स्नैक्स बेचने पर पाबंदी होगी। मुंबई के डॉक्टरों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा फैसला बताया है।
Maharashtra Food and Drug Administration (FDA) ने इस अभियान को पूरे राज्य में लागू किया है। यह कार्रवाई FSSAI के 2020 के नियमों के तहत की जा रही है। इस आदेश का असर राज्य के करीब 1.08 लाख स्कूलों और लगभग दो करोड़ छात्रों पर पड़ेगा। इसमें सरकारी, निजी और आवासीय सभी तरह के स्कूल शामिल हैं, चाहे वे किसी भी बोर्ड जैसे SSC, CBSE या ICSE से जुड़े हों।
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FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe ने साफ किया है कि इस बैन का पालन कराने की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल्स और मैनेजमेंट की होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान को ‘Safe Food, Safe Maharashtra’ नाम दिया गया है।
| बैन की गई चीजें | नियम और शर्तें |
|---|---|
| वड़ा पाव, समोसा, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट और आइसक्रीम | स्कूल परिसर और 50 मीटर के दायरे में बिक्री और विज्ञापन पर रोक |
| तले हुए स्नैक्स और ज्यादा चीनी वाले पेय | स्कूल कैंटीन और हॉस्टल किचन के लिए FSSAI लाइसेंस अनिवार्य |
| HFSS (ज्यादा फैट, शुगर और साल्ट वाले फूड) | साल में कम से कम दो बार FDA द्वारा स्कूलों का निरीक्षण होगा |
स्कूलों को अब ‘Eat Right School’ अभियान चलाना होगा और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगाने होंगे। इसके अलावा, स्कूलों में होने वाले जश्न या कार्यक्रमों के दौरान भी चॉकलेट, समोसे या लड्डू बांटने की सलाह नहीं दी गई है। अगर किसी स्कूल या दुकान में नियमों का उल्लंघन मिला, तो लाइसेंस रद्द करने, सामान जब्त करने और कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है।