Maharashtra में दूध मिलावट पर FDA सख्त, नियमों के उल्लंघन पर लगेगा 10 लाख रुपये तक का जुर्माना

Maharashtra: राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब फार्म से लेकर ग्राहक की थाली तक पूरी निगरानी रखी जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले डेयरी कारो

Maharashtra: राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब फार्म से लेकर ग्राहक की थाली तक पूरी निगरानी रखी जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले डेयरी कारोबारियों पर 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने बताया कि यह आदेश 3 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू हो गया है। उन्होंने साफ कहा कि दूध में मिलावट करना लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में पाया गया कि कई डेयरी बिना लाइसेंस के चल रहे हैं और उनमें पानी, यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा और ग्लूकोज जैसे हानिकारक पदार्थ मिलाए जा रहे हैं।

नए नियमों के तहत अब दूध की शुद्धता और फैट के मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। कोल्ड चेन को 4°C या उससे नीचे रखना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, दूध के बर्तनों और स्टोरेज टैंक के लिए फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल करना होगा और नियमित सफाई रखनी होगी।

नियम विवरण
लेबलिंग कच्चे दूध पर ‘RAW MILK’ और ‘उबालकर इस्तेमाल करें’ लिखना जरूरी होगा।
पैकेजिंग पाश्चुरीकृत (Pasteurized) दूध केवल सीलबंद और टैम्पर-प्रूफ पैकिंग में बिकेगा।
ट्रेसिबिलिटी दूध कलेक्शन से लेकर बिक्री तक का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
स्टाफ हेल्थ दूध संभालने वाले कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस जांच करानी होगी।
आइसक्रीम असली आइसक्रीम सिर्फ दूध से बनेगी, वेजिटेबल फैट वाले उत्पादों को ‘फ्रोजन डेजर्ट’ लिखना होगा।
ट्रांसपोर्ट दूध के टैंकरों की सफाई की जांच होगी और गंदा पाए जाने पर FDA को रिपोर्ट करना होगा।

FDA ने ‘Clean Milk, Safe Health, Adulteration-Free Maharashtra’ अभियान भी शुरू किया है। गणेशोत्सव, नवरात्रि, दिवाली और होली जैसे त्योहारों पर, जब दूध की मांग बढ़ती है, तब विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। अगर मिलावटी दूध से किसी की तबीयत खराब होती है या मौत होती है, तो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत कड़ी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।