Maharashtra में होटलों और रेस्टोरेंट पर FDA का बड़ा एक्शन, कई बड़े क्लबों के लाइसेंस हुए सस्पेंड

Maharashtra: राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में खाने-पीने की दुकानों और बड़े होटलों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe इस पूरी कार्रवाई की कमान संभाल रहे

Maharashtra: राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में खाने-पीने की दुकानों और बड़े होटलों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe इस पूरी कार्रवाई की कमान संभाल रहे हैं। उनका कहना है कि इस कदम का मकसद लोगों की सेहत को सुरक्षित रखना है, ताकि कोई भी गंदा या असुरक्षित खाना न बेचे।

इस अभियान को ‘Safe Food, Healthy Maharashtra’ नाम दिया गया है। 24 जून 2026 को जारी एक आदेश के तहत अब साफ-सफाई, सुरक्षित पीने के पानी की सुविधा और मेन्यू में कैलोरी व एलर्जी की जानकारी देना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही अब अखबार के कागज पर खाना परोसने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

कार्रवाई के दौरान मुंबई के कई नामी क्लबों और रेस्टोरेंट पर गाज गिरी है। Cricket Club of India (CCI) और Willingdon Sports Club समेत पांच बड़े क्लबों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। CCI में जांच के दौरान जिंदा कॉकरोच, मक्खियां, सड़ी हुई सब्जियां और एक्सपायर्ड खाना मिला था। इसी तरह Poornima Restaurant में फंगस और गंदगी मिलने के कारण उसका लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

इस मामले में Bombay High Court ने भी हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने कहा कि नियमों को लागू करते समय एक ‘रियलिस्टिक’ नजरिया रखना चाहिए। Navi Mumbai के Park Inn by Radisson का लाइसेंस सस्पेंड करने के फैसले को कोर्ट ने पलट दिया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ दो कीड़े मिलने पर लाइसेंस सस्पेंड करना सही नहीं है, खासकर तब जब बाद की जांच में 95 प्रतिशत सफाई पाई गई।

कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि सरकारी और अर्ध-सरकारी इमारतों के किचन की भी जांच की जाए, जिसमें हाई कोर्ट की कैंटीन भी शामिल है। इसकी वीडियो रिपोर्ट शुक्रवार तक जमा करनी होगी। वहीं, दूध सप्लाई करने वालों के लाइसेंस सस्पेंड होने पर भी कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है क्योंकि वहां कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।

बच्चों की सेहत को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। 27 जुलाई के आदेश के मुताबिक, स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में ज्यादा फैट, नमक और चीनी वाले (HFSS) फूड आइटम बेचने या उनका विज्ञापन करने पर रोक है। यह नियम महाराष्ट्र के करीब 1.08 लाख स्कूलों और दो करोड़ छात्रों पर लागू होगा। कमिश्नर Mundhe ने साफ किया है कि कोई भी संस्थान अपनी साख के दम पर नियमों से ऊपर नहीं रहेगा।