Maharashtra में नकली पनीर पर लगा बैन, बेचने वालों को होगी जेल और 10 लाख तक का जुर्माना
Maharashtra: राज्य सरकार ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले नकली या नॉन-डेयरी पनीर (Analogue Paneer) की बिक्री और बनाने पर एक साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। यह फैसला महाराष्ट्र FDA ने 5 अगस्त 2026 से लागू कर दिया
Maharashtra: राज्य सरकार ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले नकली या नॉन-डेयरी पनीर (Analogue Paneer) की बिक्री और बनाने पर एक साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। यह फैसला महाराष्ट्र FDA ने 5 अगस्त 2026 से लागू कर दिया है। अब अगर कोई होटल, रेस्टोरेंट या दुकानदार असली पनीर की जगह नकली पनीर बेचते हुए पकड़ा गया, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने बताया कि जांच में पाया गया कि एनालॉग पनीर में प्रोटीन की जगह वेजिटेबल फैट (वनस्पति वसा) का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो सेहत के लिए खतरनाक है। यह उन लोगों के साथ धोखा है जो पोषण के लिए पनीर खाते हैं। इस बैन के तहत अब पूरे राज्य के सभी जिलों में नॉन-डेयरी पनीर को बनाने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने और बेचने पर रोक है। क्लाउड किचन और कैटरर्स भी अब इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
यह कदम अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए टेस्ट के बाद उठाया गया। FDA ने कुल 308 सैंपल जांचे थे, जिनमें से 109 सैंपल मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें से 30 सैंपल तो पूरी तरह असुरक्षित थे। सरकार ने साफ किया है कि बिना बैच नंबर और सही बिल के मिलने वाले खुले पनीर पर भी सख्त कार्रवाई होगी ताकि स्रोत का पता लगाया जा सके।
| नियम और सज़ा | विवरण |
|---|---|
| जुर्माना | 10 लाख रुपये तक |
| सज़ा | 6 महीने से लेकर उम्रकैद तक (मौत होने पर) |
| बैन की अवधि | एक साल (बढ़ाया भी जा सकता है) |
| निगरानी | FDA की टीमें अचानक छापेमारी करेंगी |
बीजेपी विधायक विक्रम पचpute ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे जनता की सेहत बचाने वाला एक बड़ा कदम बताया है। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ के बाद ऐसा करने वाला दूसरा राज्य बन गया है।