Maharashtra में कर्ज माफी योजना की तारीख बढ़ी, 5 जुलाई से किसानों के खातों में आएंगे पैसे

Maharashtra: राज्य के लाखों किसानों के लिए बड़ी खबर है। ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026’ के तहत कर्ज माफी की प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई है। सरकार 30 जून की समय सीमा पूरी नहीं कर

Maharashtra: राज्य के लाखों किसानों के लिए बड़ी खबर है। ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026’ के तहत कर्ज माफी की प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई है। सरकार 30 जून की समय सीमा पूरी नहीं कर पाई, जिसके बाद अब 5 जुलाई से कर्ज माफी की राशि किसानों को मिलना शुरू होगी।

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने विधानसभा में बताया कि बजट संबंधी मंजूरी और राज्यपाल की सहमति मिलने में समय लगा, इसलिए तारीख बढ़ानी पड़ी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2026-27 के बजट में इस योजना को शामिल किया था। अब उम्मीद है कि जुलाई के दूसरे हफ्ते तक पात्र किसानों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा।

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। जिन किसानों ने 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच कर्ज लिया था और वह 31 मार्च 2026 तक बकाया था, वे इसके पात्र होंगे। सरकार ने साफ किया है कि Agristack Farmer ID न होने की वजह से किसी भी पात्र किसान को कर्ज माफी से वंचित नहीं रखा जाएगा।

विवरण नियम और लाभ
अधिकतम कर्ज माफी 2 लाख रुपये तक (मूलधन और ब्याज सहित)
One-Time Settlement (OTS) 2 लाख से ज्यादा कर्ज होने पर, ऊपर की राशि जमा करने पर 2 लाख की माफी
समय पर भुगतान करने वालों को लाभ 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान
छोटे कर्जदारों के लिए लाभ 50,000 से कम कर्ज और डिफॉल्ट न करने वालों को 5,000 रुपये
कुल लाभार्थी किसान लगभग 55.7 लाख से 56 लाख
कुल अनुमानित खर्च 36,000 करोड़ से 36,585 करोड़ रुपये

योजना से कुछ लोगों को बाहर भी रखा गया है। केंद्रीय या राज्य मंत्री, पूर्व जनप्रतिनिधि, 25,000 रुपये से ज्यादा मासिक वेतन पाने वाले सरकारी कर्मचारी और इनकम टैक्स भरने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और आधार वेरिफिकेशन के जरिए खातों की जांच की जाएगी।

जहां एक तरफ सरकार इसे बड़ी राहत बता रही है, वहीं किसान नेता विजय जावंडिया ने इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि असली समस्या किसानों की कम आय है और कर्ज माफी सिर्फ एक प्रचार का तरीका है। फिलहाल, कई विधायक पात्रता शर्तों में और ढील देने की मांग कर रहे हैं, जिस पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी विचार करेगी।