Maharashtra में किसानों की कर्जमाफी के नियमों की होगी समीक्षा, CM Fadnavis करेंगे पैनल का नेतृत्व
Maharashtra: राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026’ के नियमों को दोबारा देखने के लिए एक खास कमेटी बनाई है। इस पैनल की कमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों में होगी। स
Maharashtra: राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026’ के नियमों को दोबारा देखने के लिए एक खास कमेटी बनाई है। इस पैनल की कमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों में होगी। सरकार का मकसद यह है कि कर्जमाफी का फायदा उन सभी असली हकदार किसानों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
यह फैसला बुधवार, 17 जून 2026 को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के बाद लिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ समय से यह बात सामने आ रही थी कि योजना की कड़ी शर्तों की वजह से बहुत से जरूरतमंद किसान इस लाभ से बाहर रह सकते हैं। एक कैबिनेट नोट में यह भी जिक्र था कि इन पाबंदियों के कारण सरकार का खर्च अनुमानित 36,585 करोड़ रुपये से कम हो सकता है। इसी को देखते हुए अब पात्रता नियमों की समीक्षा की जा रही है।
कर्जमाफी को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने कुल तीन कमेटियां बनाई हैं:
| कमेटी | नेतृत्व | मुख्य जिम्मेदारी |
|---|---|---|
| पहली कमेटी | CM देवेंद्र फडणवीस | पात्रता नियमों की समीक्षा और बदलाव का सुझाव देना |
| दूसरी कमेटी | मुख्य सचिव (Chief Secretary) | गाइडलाइंस में बदलाव करना और विभागों के बीच तालमेल बिठाना |
| तीसरी कमेटी | अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) | बैंकों के साथ बातचीत कर NPA तारीखों और ब्याज में छूट तय करना |
इस योजना के तहत पात्र किसानों के 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण (Crop Loan) माफ किए जाएंगे। साथ ही, जिन किसानों ने अपना कर्ज समय पर चुकाया है, उन्हें 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन लाभ मिलेगा। इसमें जमीन की होल्डिंग की कोई सीमा नहीं रखी गई है। हालांकि, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी और इनकम टैक्स भरने वाले लोग इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।
विपक्ष ने इन शर्तों को लेकर सरकार की आलोचना की है और इसे पूरी तरह बिना शर्त कर्जमाफी बनाने की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि ये नियम बैंकों की वित्तीय स्थिरता के लिए जरूरी हैं, लेकिन वे यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी deserving किसान को लाभ से वंचित न रखा जाए।