Maharashtra में मानसून फिशिंग बैन 15 अगस्त तक बढ़ा, मशीनीकृत नावों पर रहेगी रोक
Maharashtra: राज्य सरकार ने मशीनीकृत और मोटर चालित मछली पकड़ने वाली नावों के लिए वार्षिक मानसून प्रतिबंध को बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 तक कर दिया है। यह फैसला राज्य विधानसभा में मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने 29 जून 2026 को बताया
Maharashtra: राज्य सरकार ने मशीनीकृत और मोटर चालित मछली पकड़ने वाली नावों के लिए वार्षिक मानसून प्रतिबंध को बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 तक कर दिया है। यह फैसला राज्य विधानसभा में मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने 29 जून 2026 को बताया। सरकार ने यह कदम दक्षिण-पश्चिम मानसून की देरी और समुद्री जैव विविधता को बचाने के लिए उठाया है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने पश्चिमी तट पर यह प्रतिबंध 1 जून से 31 जुलाई तक लगाया था, जिसे अब महाराष्ट्र सरकार ने अपने आदेश के जरिए 15 अगस्त तक बढ़ा दिया है। यह नियम महाराष्ट्र तट से 12 नॉटिकल मील के दायरे में काम करने वाली मशीनीकृत और मोटर वाली नावों पर लागू होगा। हालांकि, पारंपरिक गैर-मशीनीकृत नावों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मानसून की देरी की वजह से यह फैसला लेना जरूरी था। इससे मछलियों के प्रजनन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और समुद्री जीवों की संख्या बढ़ेगी, जिससे भविष्य में मछुआरों को फायदा होगा। साथ ही, मानसून की शुरुआत में समुद्र में उठने वाली तेज लहरों, चक्रवात और खराब मौसम से मछुआरों की जान को बचाने के लिए भी यह कदम उठाया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर महाराष्ट्र मरीन फिशिंग रेगुलेशन एक्ट (संशोधन) 2021 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तटीय सुरक्षा एजेंसियां और मत्स्य विभाग लगातार निगरानी करेंगे कि कोई नियम तो नहीं तोड़ रहा है।
मछुआरों के संगठन भी काफी समय से इस प्रतिबंध को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका मानना है कि गुजरात की तरह लंबे समय तक प्रतिबंध रहने से मछलियों की संख्या तेजी से बढ़ती है। अब महाराष्ट्र और गुजरात के मत्स्य मंत्री मछुआरों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर केंद्रीय मत्स्य मंत्री से मिलेंगे। उनका प्रस्ताव है कि अगले साल से पूरे पश्चिमी तट पर 15 मई से 15 अगस्त तक एक समान फिशिंग बैन लागू किया जाए।