Maharashtra में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, Bombay High Court की सख्ती के बाद IMA ने वापस लिया फैसला

Maharashtra: राज्यभर में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल अब खत्म हो गई है। Bombay High Court ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हस्तक्षेप किया, जिसके बाद Indian Medical Association (IMA) और Maharashtra Association of Resident

Maharashtra: राज्यभर में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल अब खत्म हो गई है। Bombay High Court ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हस्तक्षेप किया, जिसके बाद Indian Medical Association (IMA) और Maharashtra Association of Resident Doctors (MARD) ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। इस फैसले से अब अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और इलाज में फिर से तेजी आएगी।

यह पूरा विवाद महाराष्ट्र सरकार द्वारा 3 अगस्त 2026 को जारी एक सरकारी फैसले (GR) से शुरू हुआ था। इस नियम के तहत कुछ होम्योपैथी डॉक्टरों (BHMS) को सर्टिफिकेट कोर्स (CCMP) करने के बाद Maharashtra Medical Council में रजिस्ट्रेशन कराने और आधुनिक दवाइयां लिखने की अनुमति दी गई थी। IMA ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि यह तरीका गलत है और इससे मरीजों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसी विरोध के चलते डॉक्टरों ने कामकाज बंद कर दिया था।

6 अगस्त को Bombay High Court ने अखबारों में इस हड़ताल की खबर पढ़ी और खुद संज्ञान लिया। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डॉक्टर किसी भी कीमत पर हड़ताल नहीं कर सकते क्योंकि इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है। एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र घुगे ने सवाल किया कि अगर हड़ताल के दौरान किसी मरीज की मौत हो जाती है, तो डॉक्टर उसे वापस कैसे लाएंगे। कोर्ट की इस कड़ी टिप्पणी और मरीजों के अधिकारों की बात सुनकर IMA और MARD ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।

कोर्ट ने डॉक्टरों द्वारा दिखाई गई इस परिपक्वता की सराहना की। वहीं सरकार की तरफ से बताया गया कि इस समस्या को सुलझाने के लिए एक स्पेशल कमेटी बनाई जा रही है जो इसके लिए जरूरी नियम (SOPs) तैयार करेगी। अब अस्पतालों के OPD, IPD, सर्जरी और लैब सेवाएं फिर से सामान्य रूप से चालू हो गई हैं। हालांकि, IMA और MARD ने साफ किया है कि वे अभी भी सरकार के फैसले के खिलाफ हैं, लेकिन कोर्ट के सम्मान में उन्होंने काम शुरू कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी, जिसमें कोर्ट इस बात पर चर्चा करेगा कि क्या डॉक्टरों को हड़ताल करने का अधिकार है या नहीं।