Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल पंपों से डीजल की थोक खरीद पर रोक लगा दी है। अब किसी भी ग्राहक या गाड़ी को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि आम लोगों के लिए ई
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल पंपों से डीजल की थोक खरीद पर रोक लगा दी है। अब किसी भी ग्राहक या गाड़ी को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि आम लोगों के लिए ईंधन की कमी न हो और औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल पंपों से भारी मात्रा में डीजल न खरीदें।
डीजल खरीद के नए नियम क्या हैं?
केंद्र सरकार के आदेश के बाद महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने 13 जून 2026 को यह नियम लागू किया है। इसके तहत पेट्रोल पंप अब एक वाहन या ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दे पाएंगे। औद्योगिक और व्यावसायिक संस्थानों को अब रिटेल पंपों से डीजल खरीदने की अनुमति नहीं है, उन्हें अपने लिए निर्धारित डिपो से ही ईंधन लेना होगा। साथ ही, डीजल केवल गाड़ी की टंकी में या PESO द्वारा मान्यता प्राप्त कंटेनरों में ही भरा जा सकेगा।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक और रिटेल डीजल की कीमतों में 35 से 50 रुपये प्रति लीटर का बड़ा अंतर था, जिसकी वजह से औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल पंपों से डीजल खरीद रहे थे। इससे आम जनता के लिए डीजल की किल्लत हो रही थी। इसके अलावा, पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियां (OMCs) रिटेल कीमतें स्थिर रखने के लिए रोजाना करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि स्टॉक पर्याप्त है और यह केवल एक एहतियाती कदम है।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो लोग या पंप संचालक नियमों को तोड़ेंगे, उन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act), 1955 और मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल ऑर्डर, 2005 के तहत केस दर्ज होगा। यह पाबंदी शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लगाई गई है, जिसे जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अब आम आदमी को डीजल मिलने में दिक्कत होगी?
नहीं, सरकार ने कहा है कि ईंधन का स्टॉक पर्याप्त है। यह नियम केवल उन बड़े खरीदारों और औद्योगिक उपभोक्ताओं को रोकने के लिए है जो रिटेल पंपों से भारी मात्रा में डीजल खरीदकर जमाखोरी या कालाबाजारी कर रहे थे।
यह नियम कितने समय तक लागू रहेगा?
यह प्रतिबंध शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू किया गया है। अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है या जरूरत पड़ती है, तो सरकार इस समय सीमा को आगे बढ़ा सकती है।